रीवा। दुनिया के सबसे बड़े अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर प्लांट से बिजली उत्पादन का रास्ता साफ हो गया है। दो दिनों तक चली रिवर्स बिडिंग में बिजली उत्पादन की न्यूनतम दर तय करते हुए कंपनियों के नाम भी तय कर दिए गए हैं। 750 मेगावाट क्षमता के इस पॉवर प्लांट में तीन इकाइयों में बिजली उत्पादन होगा। तीनों इकाइयों के लिए अलग-अलग कंपनियां तय की गई हैं।

जिसमें दो भारतीय एवं एक विदेशी कंपनी है। 23 जनवरी को भोपाल में टेंडर खोला गया था, जिसमें 20 कंपनियों की ओर से बिजली उत्पादन के लिए दावा पेश किया गया था। इसमें न्यूनतम दर 3 रुपए 56 पैसे आई थी। इसे आधार दर मानते हुए रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर (रम्स) ने रिवर्स बिडिंग कराने की घोषणा की।

7.10 बजे अंतिम बिड फाइनल

सभी कंपनियों से कहा गया कि उक्त दर से नीचे जो कंपनी सहमति देगा उसे पॉवर प्लांट में बिजली उत्पादन की अनुमति दी जाएगी। 9 फरवरी से रिवर्स बिडिंग की प्रक्रिया शुरू की गई जिसमें विदेशी कंपनियां अपने यहां से ही ऑनलाइन हिस्सेदारी करती रही। यह प्रक्रिया पूरी रात जारी रही और शुक्रवार को सायं 7.10 बजे अंतिम बिड फाइनल की गई।

इन कंपनियों ने टेंडर डाला था

रीवा में सोलर से बिजली बनाने के लिए 20 कंपनियों ने टेंडर भरा था जिसमें अधिकांश विदेशी कंपनियां थी। जिसमें प्रमुख रूप से रेन्यू पॉवर, हीरो फ्यूचर एनर्जी, शॉपूर्जी पाल्लोंजी इंफ्रास्ट्रक्चर, एकमे सोलर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड गुरुग्राम हरियाणा, एएमपीएल क्लीनटेक, आरेंज रेनेवेबल्स, टोरेंट पॉवर, जीडीएफ स्यूज, एसबीजी क्लीनटेक (साफ्टबैंक), महिन्द्रा रेनेवेबल्स मुम्बई, आदित्य बिरला रेनेवेबल्स, रत्तन इंडिया, ग्रीन इंफ्रा(सेंपकार्प), नर्मदा हाइडल डेवलपमेंट कार्प ने टेंडर डाला।

क्षमता 250 मेगावाट

एसीबी(सैनिक ग्रुप), अजूर पॉवर, इनेल ग्रीन पॉवर, रोजपेटल सोलर(अडानी ग्रुप), कनाडियन सोलर, सोलेनर्जी पॉवर आदि ने टेंडर डाला था। जिसमें रेन्यू पॉवर और साफ्टबैंक दो कंपनियों ने तीन इकाइयों के लिए 750 मेगावाट बिजली बनाने के लिए दावा पेश किया था। अन्य कंपनियों ने एक-एक यूनिट जिसकी क्षमता 250 मेगावाट की है के लिए टेंडर भरा था।

सोलर की सबसे सस्ती बिजली

सोलर पॉवर प्लांट से बनने वाली बिजली की सबसे सस्ती दर निर्धारित की गई है। तीन माह पूर्व राजस्थान सरकार ने 3.90 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली बनाने की स्वीकृति दी है। अब रीवा के बदवार पहाड़ में स्थापित होने जा रहे सोलर पॉवर प्लांट में 2 रुपए 97 पैसे की दर से बिजली बनाई जाएगी। तीनों कंपनियों की दर बेहद नजदीक है। सात साल पहले केन्द्र सरकार ने 20 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी थी। जो धीरे-धीरे घटती गई। बीते साल मध्यप्रदेश की सरकार ने 5.50 रुपए की दर से सोलर की बिजली खरीदी थी। अब तीन रुपए से कम दर पर सरकार बिजली बनवाएगी।

दिल्ली मैट्रो को 2.37 रुपए के फायदे पर बेचेंगे बिजली

अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर प्लांट में 750 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। सरकार ने पहले ही 5.34 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली दिल्ली मेट्रो कार्पोरेशन को देने की सहमति बना ली है। यहां पर 2.97 रुपए प्रति यूनिट की दर से उत्पादन होगा और दिल्ली मेट्रो को महंगे दर पर बेचा जाएगा। इस तरह से रम्स को 2.37 रुपए प्रति यूनिट की दर से फायदा होगा।

इस दर पर बिजली बनाएंगी कंपनियां

- एकमे सोलर प्रलि.297.00 पैसे प्रतियूनिट

- महिन्द्रा रेनेवेबल्स प्रलि.297.90 पैसे प्रति यूनिट

- सोलेनर्जी पॉवर प्रलि.297.40 पैसे प्रति यूनिट

Source ¦¦ janghatna.com