रीवा | मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले पुलिस को चकमा देने के लिए नई-नई तरकीब इजाद करते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला बुधवार रात मनगवां में थाना क्षेत्र में सामने आया है। यहां पुलिस ने प्याज की आड़ में नासिक से इलाहाबाद ले जाए जा रहे एक क्विंटल गांजे की खेप को बरामद किया है। पुलिस ने दो तस्करों को भी पकड़ने में सफलता हासिल की है। वहीं, चालक पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा।

पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पकड़े गए युवकों की पहचान प्रशांत बाला (38) निवासी उमरकोट नौरंगपुर ओडिशा व गजेन्द्र सिंह पुत्र कामता प्रसाद सिंह निवासी मढ़ी थाना मनगवां के रूप में हुई है।

ऐसे पकड़ी गई गांजे की खेप

थाना प्रभारी सीके सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि ओडिशा के रजिस्ट्रेशन के एक पिकअप में नासिक से प्याज की आड़ में गांजा लोडकर इलाहाबाद लाया जा रहा है। इस पर थाना प्रभारी ने घेराबंदी कर पिकअप क्रमांक ओडी-24 एएच 4117 को रोककर उसकी तलाशी ली तो पुलिस भी हैरान रह गई। गाड़ी से पुलिस को 5-5 किलो के 20 पैकेट मिले। पुलिस ने जब पैकेटों को खोलकर देखा तो वह गांजा था। पुलिस ने आननफानन में पिकअप में मिले दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया और गाड़ी थाने ले आई।

आगे-आगे चल रहा था तस्कर

गांजे का अवैध परिवहन करने वालों का अपना अलग तरीका होता है। थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए युवकों के बयान की माने तो उक्त गांजा नासिक से लोड कराया गया था और गांजा का तस्कर 4 पहिया वाहन से आगे-आगे चल रहा था। जैसे ही पुलिस ने मनगवां के समीप उक्त पिकअप को राउंडअप किया वह मौके से भाग खड़ा हुआ।

पहली कार्रवाई

शहडोल जिले में गांजे की खेप लगातार पकड़ी जा रही थी। लेकिन रीवा में गांजे की खेप पकड़ी नहीं जा रही थी। हालांकि लगातार पुलिस मुखबिरों का जाल फैलाकर तस्कारों को पकड़ने की कोशिश में जुटी थी। बुधवार रात यह कोशिश रंग लाई।

वर्जन

मुखबिर की सूचना पर एक क्विंटल गांजे की खेप पकड़ी गई है। मामले की तस्दीक की जा रही है।

सीके सिंह, थाना प्रभारी, मनगवां।