हर महीने कई करोड़ का खेला जा रहा खेला,बीच धार में पुकलेन मशीन द्वारा किया जा रहा बालू उत्खनन

नदी में पोकलेन मशीन उतारा माफिया , सांसद विधायकों का साथ ? विपक्ष भारत जोड़ो में


सिंगरौली से उगलने वाली नदियों में बालू माफिया राज कर रहे हैं। आमजन या सरकार को कोई फायदा नहीं हो रहा है। सिंगरौली व यूपी के बालू माफिया नोट छाप रहे हैं। सैकड़ों गाड़ियों में ओवरलोड बालू लाद कर अनेक जगहों पर पहुंचा दे रहे हैं। इस धंधे में बड़े-बड़े सफेदपोश भी शामिल है। वरना क्या मजाल की नदियों में पोकलेन मशीन लेकर घूमें ? और बेरोजगार दर-दर की ठोकरें खाएं.


सिंगरौली  : बालू माफिया पर काबू पाने के लिए भले ही सीएम शिवराज सिंह चौहान हजारों नियम बना दे लेकिन सिंगरौली जिले में रेत का अवैध उत्खनन परिवहन वेदस्तूर जारी है. बालू माफियाओं ने सारी नदियों में पोकलेन मशीन उतार रखी है माफियाओं के खुलेआम खनन को देखकर लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि इसमें कई सफेदपोश शामिल है।


बता दें कि सिंगरौली में बालू माफिया और पुलिस के बीच लुका छिपी का लगातार खेल चल रहा है. तो वही सांसद और विधायक बालू की ठंडक से खुद को तरबतर कर बालू माफियाओं के सभी कारनामों को सही ठहरा रहे हैं. बालू माफिया हर उत्खनन जगह पर पोकलेन मशीन लेकर घूम रहा था। यह पोकलेन बीच नदी पर बालू का ढेर इकट्ठा कर उसी पर खड़ा हो जाता है और फिर आसपास वाली जगहों पर इतनी रेत निकालते हैं कि वहां खाई बन जाती है।


महंगे दामों पर मिलती है रेत

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सिंगरौली में खुले मंच से कहा था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे आवासों में मुफ्त रेत मिलेगी लेकिन सिंगरौली जिले में मुफ्त की बात तो करना बेईमानी है यहां हर आम आदमी को महंगे दामों पर ही रेत उपलब्ध हो पाती है. इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि यहां ट्रकों में रेत भरकर यूपी के बॉर्डर पहुंचा दिया जाता है जहां इनकी मुंह मांगी कीमत मिलती है.यही वजह है कि यहां कुल लोगों को महंगे दामों पर रेत लेनी मजबूरी है.

नदी में पोकलेन मशीन

 बालू माफिया और पुलिस के बीच लुकाछिपी का लगातार खेल जारी है। बालू माफिया दबंगई से दिन के उजाले में ही पोकलेन मशीन से रेत की निकासी कर रहे हैं इस खनन की जानकारी नेता पुलिस खनिज और राजस्व विभाग को बखूबी है लेकिन गुलाबी नोट हर महीने समय से मिलने के कारण सब ने आंख बंद कर ली है. सिंगरौली जिला हमेशा से ही अवैध बालू खनन के लिए चर्चित रहा हैं अब देखना है सिंगरौली जिले के नव नियुक्त कलेक्टर कहा तक इन बालू माफियाओं पर अंकुश लगाने में सफल हो पाते है 

खनिज अधिकारी ही खनन माफियाओं के संरक्षक

बता दे की अवैध रूम से उत्खनन ये कोई नई बात नही है ऐसे अनेक मामलों से खनिज अधिकारी के हांथ रंगे हुए है क्युकी खनिज अधिकारी को अपनी आंख व कान बंद करने के एवज में मिलते है कई लाख रुपए।