महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंग की यात्रा

भारत धर्म और आध्यात्म से जुड़ा देश है। जहां एक से बढ़कर एक प्रसिद्ध और भक्तों का आस्था को बढ़ाने वाले मंदिर हैं। इन मंदिरों में साल भर भक्तों का जमावड़ा रहता है। दूर दूर से लोग दर्शन के लिए आते हैं। कई परिवार छुट्टी और यात्रा के उद्देश्य से किसी धार्मिक स्थल पर जाना चाहते हैं। ऐसे में उनके पास कई विकल्प हैं। पुराणों और धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक देश में 12 ज्योतिर्लिंग हैं। भगवान शिव के ये शिवालय मंदिरों पूरे देश में फैले हुए हैं, जिसका अपना अपना महत्व है। मान्यता है कि इन सभी शिवालयों में भगवान भोलेनाथ शिवलिंग में ज्योति के रूप में मौजूद हैं। इसीलिए इन्हें ज्योतिर्लिंग कहा जाता है। अगर आप इन 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना चाहते हैं तो पहली यात्रा महाराष्ट्र से करें। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा ज्योतिर्लिंग हैं। महाराष्ट्र में तीन ज्योतिर्लिंग हैं। चलिए करते हैं महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंग के दर्शन

महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंग की यात्रा

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग   महाराष्ट्र के नासिक जिले से 30 किलोमीटर की दूरी पर त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है। यहीं पर पवित्र गोदावरी नदी का उद्गम हुआ। ये मंदिर गोदावरी नदी के किनारे काले पत्थरों से बना है। मान्यता है कि गौतम ऋषि और गोदावरी के आह्वान पर भगवान शिव ने इस स्थान पर निवास करने निश्चय किया। तब से वह यहीं बसे हुए हैं।

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग  नासिक के 120 मील की दूरी पर भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग स्थित है। यहां भीमा नदी बहती है, जो सह्याद्रि पर्वत के पास है। यहां का शिवलिंग काफी मोटा है, इसलिए इसका नाम मोटेश्वर महादेव भी है।

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग  महाराष्ट्र के संभाजीनगर में पास दौलताबाद में घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से अंतिम ज्योतिर्लिंग है। इस ज्योतिर्लिंग को घुश्मेश्वर भी कहते हैं। नासिक के घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूरी 171 किलोमीटर है।