ग्वालियर | वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान अपने छोटे व्यवसाय को पूरी तरह से समाप्त होता देख नीरज को कोई दिशा नजर नहीं आ रही थी। छोटा-मोटा व्यवसाय कर घर को चलाने वाले नीरज को अपने परिवार के लालन-पालन में भी कठिनाई महसूस होने लगी थी। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी लगने पर उसने आवेदन किया और 10 हजार रूपए की पूँजी बिना ब्याज के मिलने पर अपना व्यवसाय पुन: प्रारंभ किया। सच्ची लगन और मेहनत से अपने व्यवसाय को स्थापित कर 10 हजार रूपए की राशि बैंक में जमा की और पुन: राशि की मांग पर 20 हजार रूपए की राशि का ऋण मिला। नीरज के लिये पीएम स्वनिधि योजना अंधेरे में उजाले का काम कर गई। 
   सुदामापुरी मुरार निवासी श्री नीरज योगी मछली मंडी मुरार में बांस से निर्मित सामान का ठेला लगाते थे। परिवार के सदस्यों द्वारा घर पर बांस के कच्चे माल में डलिया, सूपा, टोकनी इत्यादी सामग्री तैयर कर ठेले पर बेचने का कार्य किया जाता है। पूंजी कम होने से माल भी कम तैयार होता था, आमंदनी भी कम थी। परिवार बडा होने से काफी समस्या आती थी। उसी दौरान कोरोना महामारी से हुए लॉकडाउन अवधि में उनका व्यवसाय पूर्णतः बंद था। व्यवसाय से बचत कर जो भी पूंजी बनाई थी, वह लॉकडाउन अवधि में परिवार के खाने-पीने में खर्च हो गईं। ठेला पुनः लगाने में पूंजी की अत्यंत आवश्यकता थी।  
   श्री नीरज को पता चला कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत बैंको के माध्यम से 10 हजार रूपये का ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के तहत आवेदन किया। जिसके तहत पंजाब नेशनल बैंक मुरार से 10 हजार का ऋण स्वीकृत हुआ। जिससे उन्होंने कच्चा माल ज्यादा खरीदा और नये नये सामान बनाकर बेचने लगे। आज उनकी दुकान में 20 से 30 हजार रूपये का सामान भरा हुआ है। जिस कारण आमंदनी भी बडी और परिवार की स्थिति में भी सुधार हुआ।  
   श्री नीरज ने बताया कि पीएम स्वनिधि स्ट्रीट वेण्डर योजना व्यवसाय के पुर्नस्थापना में सहायक सिद्ध हुई है। उन्होंने समय पर ऋण की किस्त जमा की जिस कारण उन्हें 20 हजार रूपये का ऋण भी प्राप्त हुआ। उनका उद्देशय है कि वह शीघ्र ही 50 हजार का ऋण लेकर बडी संख्या में कच्चा माल लेकर अधिक सामान बनाकर, ज्यादा से ज्यादा माल बेचकर लाभ कमा सकूं।