नई दिल्ली: पंजाब (Punjab) में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) कब कौन सा फैसला ले लें इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है. कई दिन की नाराजगी यानी रूठने-मनाने और वेट एंड वाच जैसे कयासों के बीच जब ये खबर आई कि सिद्दू पंजाब के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे. तो माना गया कि अब पंजाब कांग्रेस में मचा घमासान थम गया है. लेकिन ऐसा कुछ लगता नहीं है क्योंकि उन्होंने एक बार फिर पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से मिलने का वक्त मांगा है.

सिद्धू की सविनय अवज्ञा!
ताजा अपडेट के मुताबिक सिद्धू ने पार्टी अध्यक्ष के नाम लिखे पत्र को सोशल मीडिया पर अपलोड किया है. जिसके 13 सूत्रीय एजेंडे को उन्होंने अगले विधान सभा चुनाव के मेनिफेस्टो में शामिल करने की मांग की है. हालांकि सूत्र बताते हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू ने 15 अक्तूबर को ही ये पत्र सोनिया गांधी को भेज दिया था और उनसे मुलाकात का समय मांगा था. लेकिन अभी तक समय न मिलने के कारण उन्होंने ये पत्र मीडिया में जारी कर दिया है.

सोशल मीडिया पर सिद्धू की चिठ्ठी
कल ही सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं को दो टूक कहा था कि मीडिया या सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखने के बजाए सीधे उनसे मुलाकात की जाए. अभी उस आदेश के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि सिद्धू ने उस आदेश का उल्लंघन करते हुए अपनी बात सार्वजनिक कर दी.

अपनी ही सरकार पर निशाना
तो देखा आपने कैसे इस पत्र में सिद्धू ने लिखा, 'दशकों पहले पंजाब (Punjab) सबसे अमीर राज्य हुआ करता था और आज ये सबसे ज्यादा कर्जदार सूबा बन गया है. स्वास्थ्य, शिक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी हर साल कर्ज लेना पड़ रहा है. पंजाब में एक लाख से ज्यादा सरकारी पद खाली हैं. राज्य के शिक्षकों को 4 साल से मिनिमम वेजेस पर काम करना पड़ रहा है. छठे वेतन आयोग को भी 5 साल की देरी से लागू किया जा रहा है.'
पंजाब कांग्रेस के प्रधान की प्रमुख मांगे

1. गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और कोटकपुरा और बहबल कलां में पुलिस फायरिंग के पीछे जो लोग हैं, उनको सजा मिले.

2. पंजाब की लगभग पूरी पीढ़ी नशे से जूझ रही है. इसके समाधान के लिए कड़ी कार्रवाई की जरूरत है. पंजाब में मादक पदार्थों की तस्करी के पीछे एसटीएफ रिपोर्ट ने जिन बड़ी मछलियों का जिक्र किया था, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और सजा दी जानी चाहिए.

3. खेती से जुड़े केंद्र के तीनों कृषि कानूनों का हम विरोध करते हैं, इसलिए पंजाब सरकार को भी ये कहते हुए घोषणा करनी चाहिए कि वो इन तीनों काले कानूनों को किसी भी कीमत पर लागू नहीं करेगी.

4. हमें घरों में भी 24 घंटे और सस्ती बिजली देनी चाहिए. इसके लिए हम प्रति यूनिट की कीमत 3 रुपये तय कर सकते हैं या फिर 300 यूनिट तक की बिजली मुफ्त में दे सकते हैं.

5. देश में कोयले की कमी की स्थिति को देखते हुए पंजाब को सस्ते, स्मार्ट और कुशल पीपीए की ओर बढ़ना चाहिए. इसके साथ ही सस्ते सौर ऊर्जा पर भी ध्यान देना चाहिए.

गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने पिछले दिनों उनकी बातें ना मानने के कारण कांग्रेस हाईकमान को अपना इस्तीफा भेज दिया था. जिस पर अधिकारिक तौर पर कोई फैसला नहीं लिया गया था. हालांकि नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे देने के बाद उनकी मुलाकात 15 अक्तूबर को राहुल गांधी से हुई थी.