मुंबई। शाही जिंदगी जीने वाले बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को इन दिनों आम आदमी के भोजन से पेट भरना पड़ रहा है। क्रूज शिप से कोकीन, चरस जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त किए जाने के मामले में उन्हें एनसीबी की हिरासत में भेज दिया गया है। मुंबई की अदालत ने साफ कहा है कि जांच के लिए उनसे पूछताछ की जरूरत है, जो बहुत आवश्यक है। उनके साथ छह अन्य को भी एनसीबी की हिरासत में रहना होगा। एनसीबी ने मुंबई से गोवा जा रहे क्रूज शिप पर छापेमारी के बाद इन लोगों को गिरफ्तार किया था। क्रूज शिप पर 'रेव पार्टी' के बाद अब इन्हें कुछ दिन आम आदमी की तरह जीना होगा। कस्टडी में लिए गए आर्यन खान और अन्य को फिलहाल पूड़ी-भाजी, पराठा और दाल-चावल खाने के लिए दिया जा रहा है। यह किसी फाइव स्टार होटल से नहीं बल्कि सड़क के किनारे ही एक भोजनालय से मंगाया जा रहा है। दाल-चावल के साथ बिरयानी भी दी जा रही है जो पास के ही एक रेस्टोरेंट से परोसी जा रही है। खान परिवार के लिए चिंता की बात यह है कि अगर ड्रग्स रखने या सेवन का आरोप साबित हो जाता है तो एसआरके मुंबई के बेटे को जेल भी हो सकती है।
मजिस्ट्रेट ने सोमवार को एनसीबी से जानना चाहा कि प्रत्येक आरोपी के पास से कितना नशीला पदार्थ बरामद हुआ है। इस पर एनसीबी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि मर्चेंट के पास से छह ग्राम चरस, जबकि धमेचा से पांच ग्राम गांजा बरामद किया गया। सिंह ने अदालत को बताया कि गिरफ्तार आरोपी आर्यन खान, नशीले पदार्थों के तस्करों और आपूर्तिकर्ताओं के व्हाट्सएप चैट के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री मिली थी।
एनसीबी ने आर्यन खान, मर्चेंट और धमेचा को 11 अक्टूबर तक और हिरासत में भेजे जाने का अनुरोध किया था जिससे केंद्रीय एजेंसी नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करने वालों और आपूर्तिकर्ताओं के बीच सांठगांठ का पता लगाना चाहती है और सभी गिरफ्तार आरोपियों का एक दूसरे से आमना-सामना कराना चाहती है।
एनसीबी के वकील ने कहा, 'अभी छापेमारी चल रही है। आरोपियों के व्हाट्सएप चैट में मिली चौंकाने वाली और आपत्तिजनक सामग्री अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी को दर्शाती है।’ उन्होंने कहा, ‘आरोपी आर्यन खान, व्हाट्सएप चैट में, खरीद (नशीले पदार्थो की) के लिए किए जाने वाले भुगतान के तरीकों पर चर्चा कर रहा है। कई कोड नामों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सभी आरोपियों का एक दूसरे से आमना-सामना कराना होगा। अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की जांच की जरूरत है।’
वहीं, आर्यन खान के वकील सतीश मानशिंदे ने दलील दी कि उनके मुवक्किल का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और उन्होंने अच्छा आचरण दिखाया है। मानशिंदे ने कहा कि जब छापेमारी की जा रही थी, तब आर्यन खान एनसीबी अधिकारियों से भागे नहीं थे और उन्हें उनकी तलाशी लेने की अनुमति भी दी थी। उन्होंने दावा किया कि आर्यन खान के पास से कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ है। मानशिंदे ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल आर्यन खान को उनके दोस्त मर्चेंट के साथ क्रूज पर आमंत्रित किया गया था और उन्होंने जहाज पर जाने के वास्ते कोई पैसा नहीं दिया था। उन्होंने कहा, ‘आर्यन खान के पास से उनके मोबाइल फोन के अलावा आपत्तिजनक कुछ भी बरामद नहीं हुआ है। उनके दोस्त (मर्चेंट) को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि उसके पास छह ग्राम चरस थी, लेकिन इसका मेरे मुवक्किल (आर्यन खान) से कोई लेना-देना नहीं है।’