हर साल आने वाली हरियाली अमावस्या इस साल 8 अगस्त को मनाई जाने वाली है। कहा जाता है सावन में आने वाली इस अमावस्या को श्रावणी अमावस्या कहा जाता है। सावन के महीने की अमावस्या और पूर्णिमा तिथि का बहुत महत्व होता है। आप सभी को बता दें कि हरियाली अमावस्या सावन शिवरात्रि के दूसरे दिन पड़ती है। ऐसे में आज हम आपको बता दें कि इस साल इस दिन व्यातीपात और वरियान योग साथ में पुष्य नक्षत्र रहेगा। तो आइए जानते हैं आज इससे जुडी कुछ खास बातें।

1. हरियाली अमावस्या के दिन देववृक्ष पीपल, बरगद, केला, नींबू, तुलसी आदि का वृक्षारोपण करना शुभ होता है।

2. हरियाली अमावस्या के दिन पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए पितृ तर्पण या पिंडदान किया जाता है।
3. हरियाली अमावस्या के दिन भगवान शिव को सफेद आंकड़े के फूल, बिल्व पत्र और भांग, धतूरा चढ़ाने से लाभ मिलता है।

4. हरियाली अमावस्या के दिन नदी या कुंड में स्नान करके पितरों के निमित्त तर्पण करने से बड़े लाभ होते हैं।

5. हरियाली अमावस्या के दिन दान देने का महत्व भी बढ़ जाता है। इस दिन दीपदान करना चाहिए।

6. हरियाली अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करके उसकी परिक्रमा करने से हर काम सफल होते है।

7. हरियाली अमावस्या के दिन किसी नदी या तालाब में जाकर मछली को आटे की गोलियां खिलाने से धन प्राप्ति होती है।

8. हरियाली अमावस्या के दिन घर के पास चींटियों को सूखे आट में चीनी मिलाकर खिलाने से संभी तरह के संकट दूर होते हैं।