वडोदरा | गुजरात के 6 महानगर पालिका में चुनाव के नतीजे आ गए हैं और सभी 6 शहरों में भाजपा ने विजय पताका लहरा दी है| नगर निगम चुनाव में भाजपा ने युवा उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी थी और उसके नतीजे भी अच्छे मिले हैं| वडोदरा में 22 वर्षीय भाजपा उम्मीदवार ने अपने पहले चुनाव में 20 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है| जबकि उसके पिता ने पहला चुनाव केवल 27 वोटों के अंतर से जीता था| वडोदरा नगर निगम के वार्ड नंबर 9 से भाजपा ने 22 वर्षीय श्रीरंग आयरे को उम्मीदवार बनाया था| भाजपा का श्रीरंग आयरे पर किया गया विश्वास रंग लाया और वह अपना पहला चुनाव 20 हजार से भी अधिक वोटों के अंतर से जीत गया| दरअसल निगम चुनाव में टिकट श्रीरंग आयरे के पिता राजेश आयरे को मिलना था| लेकिन वह तीन बार से अधिक बार चुनाव लड़ चुके थे| भाजपा ने निगम चुनाव में 60 वर्ष से अधिक आयु, तीन बार से अधिक चुनाव लड़ चुके और सांसद, विधायक समेत पदाधिकारी के परिवार के किसी सदस्य को टिकट नहीं देने का फैसला किया था| राजेश आयरे तीन दफा चुनाव लड़ चुके थे| राजेश आयरे ने अपने बेटे टिकट देने की भाजपा से पेशकश की थी| भाजपा ने राजेश आयरे की बात मान ली और उनके बेटे श्रीरंग आयरे को नगर निगम चुनाव में उम्मीदवार बनाया| चुनाव में बेटा बाप से बढ़कर साबित हुआ| श्रीरंग आयरे ने चुनाव में 20111 वोटों के अंतर से शानदार जीत हासिल की| गौरतलब है कि श्रीरंग आयरे के पिता राजेश आयरे ने आरएसपी के नेतृत्व में 2005 में वडोदरा के वार्ड 9 से पहली बार चुनाव लड़ा था और भाजपा प्रत्याशी को केवल 27 वोटों से मात दी थी| 2015 का चुनाव भी राजेश आयरे ने वार्ड 9 से लडा था| नगर निगम के चुनाव से पहले राजेश आयरे अन्य दो महिला पार्षदों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे| लेकिन भाजपा ने नए चेहरे को मौका देने के लिए तीन दफा से अधिक बार चुनाव लड़ सके लोगों को टिकट नहीं देने का फैसला किया था| इस वजह से भाजपा ने राजेश आयरे के स्थान पर उनके बेटे श्रीरंग आयरे को निगम चुनाव में उम्मीदवार बनाया|