पेट्रोल पर पॉलिटिक्स:2008 में पेट्रोल 50 रु. होने पर शिवराज ने चलाई साइकिल, 2020 में 80 रु. हुआ तो दिग्विजय ने पैडल मारे

पहला फोटो 2008 का है, जब पेट्रोल के दाम 50 रुपए होने पर शिवराज सिंह ने साइकिल चलाई थी। दूसरा फोटो 2020 का है, जब पेट्रोल 80 रु. होने पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साइकिल चलाई।
कमलनाथ ने CM शिवराज से पूछा- कहां गायब हो गई साइकिलें, क्या पंचर हो गईं?
पेट्रोल के रेट 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंचे, पब्लिक को राहत के लिए कुछ नहीं

पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों से पब्लिक को भले ही कोई राहत नहीं है, लेकिन इसका सियासी विरोध तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरते हुए कहा कि कहां गायब हो गई साइकिलें? क्या पंचर हो गई हैं?

दरअसल, शिवराज पर यह तंज इसलिए कसा गया, क्योंकि 12 साल पहले (2008) तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साइकिल से मंत्रालय जाकर पेट्रोलियम पदार्थों के दामों की वृद्धि का विरोध किया था। उस समय केंद्र में यूपीए की सरकार थी और पेट्रोल के दाम 50 रुपए थे। अब मोदी सरकार में यही दाम 100 रुपए प्रति लीटर पार कर गए हैं।

वैसे, पेट्रोल-डीजल के दामों पर सियासत नई नहीं है। बीजेपी और कांग्रेस ने ईंधन के दामों को लेकर हमेशा विरोध किया। बावजूद, मध्य प्रदेश में पेट्रोल के दाम कई जिलों 100 रुपए के पार हो गए हैं। इससे स्पष्ट है, विरोध जनता को राहत दिलाने के लिए कम, सियासी ज्यादा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पिछले साल जून में जब विरोध किया था, तब मप्र में उपचुनाव होने वाले थे। कांग्रेस इसके लिए मुद्दे तलाश रही थी, ताकि चुनाव में राजनीतिक फायदा मिल सके।

अब मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों पर राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। पेट्रोल के दाम 100 के पार पहुंचने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सिंह पर हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा - पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें आसमान छूती जा रही हैं। जनता राहत की मांग कर रही है, लेकिन केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार जनता को राहत प्रदान नहीं कर रही।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तंज कसते हुए लिखा कि 'विपक्ष में भाजपा के लोग पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर विरोध स्वरूप खूब साइकिल चलाते थे, बैल गाड़ी यात्रा निकालते थे, बड़े-बड़े धरने देते थे, खूब भाषण देते थे, आज उनकी साइकिलें गायब हैं, विरोध प्रदर्शन गायब हैं?'

कमलनाथ ने याद दिलाते हुए कहा कि 'मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने घोषणा की थी कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सप्ताह में एक दिन वो और उनके मंत्री साइकिल से मंत्रालय जाएंगे, लेकिन आज पता नहीं, उन सभी की साइकिल कहां पंक्चर पड़ी हैं?'

कमलनाथ ने दी आंदोलन की चेतावनी

कमलनाथ ने चेतावनी दी है कि सरकार पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले भारी भरकम करों में कमी कर जनता को तत्काल राहत प्रदान करे, अन्यथा प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। भाजपा सत्ता में आते ही भले जनता को भूल जाए, लेकिन हम जनता के साथ हैं, रहेंगे और जनता की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेंगे।

वित्त मंत्री देवड़ा बोले - देश की अर्थव्यवस्था खराब है

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का कहना है कि पूरे विश्व में इस समय आर्थिक मंदी का दौर है। सभी देशों की अर्थव्यवस्था खराब पड़ी है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं।

पूर्व मंत्री पटवारी ने कहा- शिवराज ने जब साइकिल चलाई थी, तब मात्र 7% की हुई थी वृद्धि

पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि वर्ष 2008 में जब शिवराज सिंह चौहान ने साइकिल चला कर पेट्रोल-डीजल के दामों का विरोध किया था, तब मात्र 7% की वृद्धि की गई थी, लेकिन अब अब पेट्रोल पर 26% की बढ़ोतरी हो गई है।

20 फरवरी को आधे दिन के बंद का आव्हान

पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम में वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने 20 फरवरी को प्रदेश में आधे दिन के बंद का आव्हान किया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसकी घोषणा करते हुए अपील की है कि जनता अपनी स्वेच्छानुसार आधे दिन के बंद को सफल बनाने में अपना योगदान देवें। उन्होंने कहा है कि इस आधे दिन के बंद में दूध का वितरण एवं एम्बुलेंस तथा दवाईयों की दुकानें इस बंद से मुक्त रहेंगी।