मुख्यमंत्री ने बुलाई आपात बैठक, जांच के दिए निर्देश

भोपाल/मुरैना। जहरीली शराब से 20 लोगों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मुरैना जिले के एसपी अनुराग सुजानिया और कलेक्टर अनुराग वर्मा को हटा दिया है। साथ ही एसडीओपी को निलंबित किया गया है। शराबकांड को लेकर मुख्यमंत्री ने अपने निवास पर अफसरों की आपात बैठक बुलाई थी। जिसमें उन्होंने प्रदेश में शराब एवं गुटखा माफिया को खत्म करने को कहा है। साथ ही कहा कि ऐसे मामलों के लिए कलेक्टर और एसपी ही जिम्मेदार होंगे। मुरैना की घटना अमानवीय और तकलीफ पहुंचाने वाली है। मिलावट के विरुद्ध अभियान चल रहा है,, फिर भी घटना दुखद है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। जिसमें जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि आज से ही प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ अभियान शुरू हो जाना चाहिए। जिसमें पर्याप्त आबकारी अमला हो। शराब कारोबार पर कड़ाई से निगरानी की जाए।
आपात बैठक में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा,  आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव गृह राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अफसरों ने आज सुबह घटना की रिपोर्ट सौंपी है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कार्रवाई करने  के लिए कहा है। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा तीन महीने पहले उज्जैन शराब कांड के दौरान प्रदेश भर में शराब माफिया को खत्म करने को कहा था। इसके बावजूद भी ऐसी घटनाएं हुई हैं। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इन पर हो चुकी है कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दे दिए थे। अभी तक मुरैना शराब कांड में जिला आबकारी अधिकारी, थाना प्रभारी समेत दो अन्य पुलिस अफसरों को निलंबित किया जा सकता है। इधर सूत्रों ने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से प्रशासन की लापरवाही की शिकायत की है।

एंबुलैंस का मामला भी पहुंचा सीएम तक
सोमवार को जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हुई थी। तबियत बिगडऩे पर ग्रामीणों ने एंबुलैंस के लिए फोन किया तेा नहीं आई। प्रशासन ने टै्रक्टर से ही ले जाने की सलाह दी। सीएम हेल्पलाइन पर कॉल करने के बाद भी एंबुलैंस नहीं पहुंची। यह मामला भी सीएम तक पहुंचा है। बताया गया कि इस मामले में जिम्मेदारी पर कार्रवाई होगी।