कोलकाता । तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के किसी भी नेता में उन पर आरोप लगाने के लिए उनका नाम लेने तक का साहस नहीं है और वे सब 'भाईयों' या 'भतीजा' जैसे सांकेतिक शब्द का इस्तेमाल करते हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने दावा किया कि जब भी उन्हें निशाना बनाया गया, वे उन नेताओं को अदालत में ले गए। उन्होंने कहा, सभी दलों- भाजपा, कांग्रेस और माकपा के हमले का केंद्र ‘भाईयो' है, लेकिन वे अभिषेक बंदोपाध्याय (बनर्जी) का नाम नहीं ले सकते।  सांसद ने अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए कहा, "यहां तक ​​कि प्रधानमंत्री तक में ऐसा करने का साहस नहीं है, न ही भाजपा के अन्य नेताओं में।
  यह दावा करते हुए कि प्रधानमंत्री ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले डायमंड हार्बर में भाजपा की रैली के दौरान कहा था, भतीजे की बत्ती गुल होने वाली है। बनर्जी ने पिछले साल मई में उनकी डायमंड हार्बर रैली के बाद मोदी को मानहानि का नोटिस भेजा था। बनर्जी ने कहा कि 2017 में टीएमसी छोड़ने के बाद, मुकुल रॉय ने एक सार्वजनिक सभा में उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए थे। मैं उन्हें उच्च न्यायालय ले गया था और कानूनी लड़ाई में उन्हें हराया था। यही कारण है कि वे सीधे नाम नहीं ले रहे हैं। मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि अगर उनमें साहस है तो, वे मेरा नाम लेकर दिखाएं। बनर्जी ने कहा कि इशारे में बोलने के बजाय, भाजपा नेताओं में उनका नाम लेने की हिम्मत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर वह उन्हें फिर से अदालत में ले जाएंगे और फिर से उन्हें मात देंगे। बनर्जी ने कहा, यहां मैं कैलाश विजयवर्गीय का नाम ले रहा हूं, जब मैं कहता हूं कि वह एक बाहरी व्यक्ति हैं, दिलीप घोष एक गुंडा, माफिया हैं। मैं अमित शाह का नाम ले रहा हूं कि वह एक बाहरी व्यक्ति हैं। उन्होंने उनका नाम लेकर उन पर आरोप लगाने के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चुनौती दी।