नई दिल्ली । भारत की आबादी के करीब 7 फीसदी लोग, जिनकी उम्र 10 वर्ष से अधिक है, अगस्त तक कोरोना संक्रमित हो चुके थे। यानी अगस्त तक देश में 7.43 करोड़ लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके थे। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के दूसरे सीरोसर्वे में यह खुलासा हुआ है। सर्वे से यह भी पता चला है कि शहरी झुग्गियों में यह वायरस सबसे अधिक फैला है इसके बाद शहरों के दूसरे इलाके और फिर ग्रामीण इलाकों में इसका प्रसार हुआ है। उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह 8 बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत में एक दिन में कोविड-19 के 44,489 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 92.66 लाख हो गए, जिनमें से 86.79 लाख लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। देश में अभी तक कोविड-19 के 92,66,705 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं 524 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,35,223 हो गई। देश में अभी 4,52,344 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है। लेंसेट ग्लोबल हेल्थ प्री-प्रिंट के जरिए सामने आए नतीजों के मुताबिक 10 फीसदी से कम सीरो प्रसार इशारा करता है कि भारत में एक बड़ी आबादी अभी भी कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर अतिसंवेदनसील है। रिपोर्ट में कहा गया है प्राकृतिक या टीकाकरण से हर्ड इम्युनिटी हासिल होने तक अधिकतर भारतीयों शहरों में संक्रमण का फैलाव होता रहेगा। अधिकतर विशेषज्ञों का दावा है कि 50 फीसदी से अधिक लोगों में एंटीबॉडी डिवेलप होने के बाद हर्ड इम्युनिटी बनेगी।  रिपोर्ट में कहा गया है कि हर 9 व्यक्तियों में से एक, जिन्होंने अतीत में किसी भी COVID-19 संबंधी लक्षणों की शिकायत नहीं की है, उनमें SARS-CoV-2 IgG एंटीबॉडी की मौजूदगी पाई गई। सीरोकन्वर्जन ऐसे लोगों में भी पाया गया जिनका किसी कोविड-19 केस से संपर्क में आने का पता नहीं चला। रिपोर्ट में कहा गया है 'हमारा डेटा टेस्टिंग स्ट्रेटिजी को ऐसे लोगों तक विस्तार देने का समर्थन करता है जिनमें कोई लक्षण नहीं या किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने की जानकारी ना हो। हमने पाया कि केवल 3 फीसदी सिरोपॉजिटिव लोगों ने कोविड-19 लक्षण बताए थे। सीरोसर्वे में कहा गया है 10 वर्ष या इससे अधिक के 15 में से 1 व्यक्ति में अगस्त 2020 तक सार्स-कोविड-3 संक्रमण पाया गया था। मई से अगस्त के बीच सीरो प्रसार 10 गुना बढ़ चुका था। मई की तुलना में अगस्त में केस अनुपात में कम संक्रमण देश भर में परीक्षण में पर्याप्त वृद्धि को दर्शाता है।