भोपाल : नशामुक्त भारत अभियान 15 अगस्त से 31 मार्च 2021 के मध्य देश के 15 जिलों में चलाया जा रहा है। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन श्री प्रतीक हजेला इस अभियान के लिये गठित राज्य स्तरीय समिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इस अभियान में विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर उनके द्वारा नामांकित दो-दो सदस्यों को ट्रेनिंग के लिए ट्रेंड किया जाएगा।

प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रारंभ में यह अभियान प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, होशंगाबाद, छिंदवाडा, नीमच, दतिया, रीवा, मंदसौर, रतलाम, नरसिंहपुर, सतना में चलाया जा रहा है। इस अभियान का प्रारंभिक उद्देश्य ऐसे व्यक्ति जो नशा नहीं करते और भविष्य में भी नशो से कैसे देर रहें, के बारे में उन्हें जागरूक किया जाना है। इस योजना के तहत विभिन्न विभागों में नामांकित दो व्यक्तियों को जिला ट्रेनर्स के रूप में ट्रेंड किया जाएगा।

उच्च शिक्षा विभाग

श्री हजेला ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के दो व्यक्तियों को उपरोक्त 15 जिलों में दो-दो ट्रेनर्स के रूप में ट्रेनिंग दी जायेगी। कोरोना के कारण ये ट्रेनर्स वेबिनार के माध्यम से बतायेंगे कि नशे से आगे भी कैसे बचा जाए एवं उनसे होने वाली बुराईयों से अवगत करायेंगे।

महिला बाल विकास विभाग

नशामुक्त अभियान में महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर महिला बाल विकास विभाग के अन्तर्गत महिला वकर्स को ट्रेंड किया जायेगा। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग से आशा केडर के सदस्यों को ट्रेनिंग दिये जाने पर भी चर्चा की गई।

बैठक में श्रीमती रेनू तिवारी, आयुक्त सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन एवं पुलिस, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, नारकोटिक्स, उच्चशिक्षा विभाग के समिति के सदस्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।