नई दिल्ली।  शादियों का सीजन शुरू होने से पहले दिल्ली सरकार द्वारा बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए शादियों में मेहमानों की संख्या 50 तक सीमित करने के फैसले को क्या गृह मंत्रालय ने पलट दिया है। इसका एक आदेश सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।    गृह मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि राजधानी दिल्ली में विवाह समारोह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 50 से बढ़ाकर सौ नहीं की गई है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में कथित रूप से उसके हवाले से जारी आदेश को फर्जी करार दिया है। उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर कथित रूप से गृह मंत्रालय का एक आदेश वायरल हो रहा है जिसमें विवाह समारोह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या बढ़ाकर सौ करने की बात कही गई है।

गृह मंत्रालय ने 23 नवंबर की तारीख वाले इस आदेश को फर्जी बताते हुए स्पष्ट किया है कि उसकी ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में कोविड संक्रमण को देखते हुए विवाह समारोह में केवल 50 लोग ही हिस्सा ले सकते हैं। 

दिल्ली में केवल 50 लोगों को ही शादी में शामिल होने की इजाजत 

गौरतलब है कि बीते दिनों अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में होने वाले शादी समारोहों में शामिल होने वाले मेहमानों की संख्या 200 से घटाकर 50 कर दी है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने शहर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर अतिथियों की पहले की संख्या सीमा को बुधवार को वापस ले लिया है।

डीडीएमए के अध्यक्ष उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली में शादी समारोह में केवल 50 लोगों को शिरकत करने की अनुमति देने के 'आप' सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। दिल्ली सरकार ने 31 अक्टूबर को शादी समारोह में 200 लोगों तक को शामिल हो होने की इजाजत दे दी थी। सरकार ने अनलॉक की अवधि के दौरान 50 लोगों की सीमा तय की हुई थी। केजरीवाल ने मंगलवार को कहा था कि उनकी सरकार ने शहर में शादी में 200 लोगों के शामिल होने देने के पहले आदेश को वापस लेने का फैसला किया है।