लेह । ट्विटर पर लाइव ब्रॉडकास्ट के दौरान लेह को चीन का हिस्सा बताने पर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ने डेटा प्रॉटेक्शन बिल की समीक्षा के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति  के सामने मौखिक तौर पर माफी मांगी है।  पैनल ने इस पर नाराजगी जाहिर की और ट्विटर से लिखित में माफी मांगने के साथ ही एफिडेविट जमा करने को कहा है।  यह विवाद पिछले सप्ताह उस समय पैदा हुआ जब एक पत्रकार ने लेह स्थित वॉर मेमोरियल से ट्विटर पर लाइव ब्रॉडकास्ट किया और उन्होंने पाया कि लोकशन 'रिपब्लिक ऑफ चाइना' दिखाया जा रहा है। इसको लेकर मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रोनिक्स एंड इंफ्रॉर्मेशन टेक्नॉलजी के सचिव ने ट्विटर के सीईओ जैक डोर्जी को लेटर लिखकर सरकार की ओर से नाराजगी जाहिर की थी। जेपीसी ने ट्विटर के प्रतिनिधियों के सामने लेह को चीन का हिस्सा दिखाने पर आलोचना की और कहा कि यह देशद्रोह जैसा काम है। इसने डेटा सुरक्षा के साथ-साथ कानूनी मुद्दों को भी उठाया। कमिटी ने पॉलिसी, डेटा ट्रांसफर और लोकेशन डेटा सेंटर को लेकर जवाबदेही और पारदर्शिता में कमी, शैडो बैन और अकाउंट्स को मनमाने तरीके से बंद करने की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। कमिटी की प्रमुख मीनाक्षी लेखी ने कहा, ''लेह को चीन का हिस्सा दिखाना राजद्रोह माना जाएगा और इसके लिए सात साल तक की जेल हो सकती है। समिति ने इस मुद्दे को उठाने में सर्वसम्मति जताई और अपनी सख्त नाराजगी व्यक्त की। हालांकि, ट्विटर ने कहा कि इसने तेजी से मुद्दे का समाधान कर दिया था। ट्विटर ने एचटी की ओर से पूछे गए सवाल में कहा, हमारी टीम ने जियो टैगिंग के मुद्दे का समाधान त्वरित रूप से कर दिया था। हम खुलेपन, पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध हैं और समय पर अपडेट साझा करने के लिए सरकार के साथ नियमित संपर्क में रहेंगे। इसने कहा कि डेटा गोपनीयता और सुरक्षा इसके उत्पादों के मूल में है। ट्विटर ने कहा पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल पर हमें अपनी राय व्यक्त करने का मौका देने के लिए हम संसदीय समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। गोपनीयता और डेटा संरक्षण हमारे उत्पादों और सेवाओं के मूल में हैं, जो उन्हें इस्तेमाल करने वालों का विश्वास जीतने के लिए डिजाइन किए गए हैं।