रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi) के निधन के बाद खाली हुई मरवाही विधानसभा सीट (Marwahi Assembly By-election 2020) पर उपचुनाव हो रहा है. उपचुनाव में इस बार जोगी परिवार व उनकी पार्टी के किसी भी सदस्य को चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला है. क्योंकि अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी व बहू रिचा जोगी का नामाकंन पत्र जाति प्रमाण पत्र को गलत बताते हुए निरस्त कर दिया गया है. जबकि दो अन्य सदस्यों को तय समय सीमा में पार्टी का बी फॉर्म नहीं मिलने के कारण चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिल पाया है. चुनाव से इस बेदखली को जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे अपने साथ हुआ अन्याय बता रही है.

मरवाही चुनाव से जोगी परिवार भले ही बाहर हो गया हो, लेकिन उन्होने अपनी हार नहीं मानी है. जोगी परिवार मरवाही चुनाव में अपने साथ अन्याय होने का आरोप लगाते हुए न्याय यात्रा कर रहा है. इस काम का बीड़ा खुद दिवंगत अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी ने उठाया है. वो मरवाही विधानसभा के सभी बूथों से लेकर सेक्टर तक जनता को उनके साथ हुए अन्याय की जानकारी दे रही हैं. इस मिशन का नाम न्याय यात्रा दिया है, जो मरवाही विधानसभा में हर जगह जाएगी.

दुश्मनी का शिकार
जोगी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा है कि मेरे पिताजी और मुझसे राजनीतिक बैर समझ आता है, पर जोगी जी की बहू को दुश्मनी का शिकार बनाने की सजा मरवाही की जनता जरूर देगी. मरवाही विधानसभा के सभी सेक्टर प्रभारियों और बूथ स्तर के सक्रिय कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक लेकर सभी को इस यात्रा को सफल बनाने को कहा गया है. अमित जोगी ने सभी के सामने हाथ जोड़ कर खुद को कमियां बता सभी से उनका आदेश पर्चियों के माध्यम से मांगा गया. अमित जोगी के मुताबिक मरवाही के साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ आप सब के आदेशानुसार अब हम न्याय यात्रा लेके जन जन तक जायेंगे. मरवाही के हर गांव मे हर गली मे जनता कांग्रेस की न्याय यात्रा निकलेगी जो वोट के लिए नही पर उससे भी महत्वपूर्ण मांग के लिए होगी, न्याय के लिए होगी.