धनवंतरी नगर क्षेत्र में रहने वाले कारोबारी मुकेश लांबा के 13 वर्षीय पुत्र आदित्य का अपहरण जिस कार से किया गया था उस कार को पुलिस ने बरामद कर लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक राहुल अपने दोस्तों से काम के बहाने कार माँगता था और अपहरण के लिए बालक के घर की रेकी करने आते थे।

वारदात के दिन भी उसने अपने दोस्त को किसी जरूरी काम का झाँसा देकर कार ली थी और वारदात को अंजाम दिया था। उधर इस कांड के मुख्य आरोपी की मौत की न्यायिक जाँच के आदेश दिए गये हैं। सूत्रों के अनुसार अपहरण कांड में पकड़े गये आरोपी राहुल की मौत हिरासत में होने पर जिला न्यायालय द्वारा न्यायिक जाँच के आदेश दिए गये हैं जिसके बाद आरोपी की मौत किन परिस्थितियों में हुई इसकी जाँच शुरू कर दी गयी है।

वहीं पुलिस द्वारा इस घटना को जघन्य और सनसनीखेज वारदात के रूप में चिन्हित किया गया है और आरोपियों को जल्द से जल्द सजा हो इसके प्रयास किए जाएँगे। उधर रिमांड पर लिए गये आरोपियों ने बताया कि अपहरण के लिए दोस्तों की कार का उपयोग किया गया था और बहाने से उनसे कार माँगी थी। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त दो कार व दो दोपहिया वाहनों को जब्त किया है। ज्ञात हो कि आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान वारदात में प्रयुक्त लूट का मोबाइल व दो अन्य मोबाइल जब्त किए गये थे।

फिरौती के लिए जिस बालक आदित्य लांबा का अपहरण कर हत्या की गयी है उसके पिता मुकेश लांबा सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं वहीं परिवार में मातम छाया हुआ है। माँ सुमन व बड़ी बहन रितु का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना को लेकर जब लोगों ने परिजनों से बातचीत करनी चाही तो उन्होंने व्यथित और भारी मन से इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वहीं उनके करीबियों का कहना था कि परिवार के सदस्य अभी आदित्य की मौत का सदमा सहन नहीं कर पा रहे हैं और कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं। वहीं हादसे में डूबे परिवार को आस पड़ोस के लोग सांत्वना बँधा रहे हैं।

अपहरण कांड के मुख्य आरोपी राहुल उर्फ मोनू विश्वकर्मा उम्र 30 वर्ष की बीती शाम इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। सोमवार को तीन डाॅक्टरों के पैनल जिसमें फोरेंसिक विभाग के प्रमुख डाॅ. विवेक श्रीवास्तव, डाॅ. मुकेश राय, डाॅ. ईशा सिंह द्वारा प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी उमेश सोनी की मौजूदगी में मृतक का वीडियाेग्राफी कर पीएम किया गया। पीएम के उपरांत न्यायिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में मृतक के बड़े भाई सोनू विश्वकर्मा व अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए गये। इस दौरान मेडिकल में भारी पुलिस बल तैनात था।

पीएम के बाद मृतक का शव परिजनों काे सौंपा गया। परिजनों के आग्रह पर उसका दाह संस्कार गढ़ा चौहानी में ही कर दिया गया। शव सुपुर्दगी के दौरान मृतक के भाई का कहना था कि उसके भाई ने जघन्य अपराध किया था और इसके लिए उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए थी लेकिन पुलिस ने कानून अपने हाथ में लिया और पिटाई से उसकी मौत हुई है।

अपहरण कांड में शामिल तीन आरोपियों में मुख्य आरोपी राहुल विश्वकर्मा की बीती शाम पत्रवार्ता के दौरान पुलिस कंट्रोल में अचानक तबियत बिगड़ी थी और मेडिकल में उसकी मौत हो गयी थी। वहीं उसके दो अन्य साथी मलय राय व करण जग्गी को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त दो कार व बाइक और एक स्कूटी जब्त की गयी है। वाहनों की बरामदगी हाेने व रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।

सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान रिमांड पर लिए गये आरोपियों में करण का कहना था कि फिरौती की रकम मिलने के पहले ही 16 अक्टूबर की शाम को उसे अकेला छोड़कर गए राहुल व मलय ने बालक की हत्या कर दी थी और फिर वापस लौटकर उसे बताया था कि बालक उनके चंगुल से भाग गया। करण ने उनकी बातों का भरोसा कर लिया था। बालक की हत्या के बाद रात में आरोपियों ने बालक के परिजनों से फिरौती के 8 लाख रुपये लिए जो कि आपस में बाँट लिए थे।