पिछले 14 वर्षों से नौकरी से गायब रहने वाले नरसिंहपुर के एक बाबू को लोक शिक्षण विभाग की संयुक्त संचालक अनघा देव ने बर्खास्त कर दिया है। करेली विकासखण्ड के उमावि केरपानी में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला 21 फरवरी 2006 से ड्यूटी से गैरहाजिर हैं। उनके खिलाफ की जा रही विभागीय जाँच की कार्रवाई में नरसिंहपुर के जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 3 मौके देने के बाद भी बाबू हाजिर नहीं हुआ था। इसे कदाचरण की श्रेणी में पाते हुए मामला संयुक्त संचालक को नरसिंहपुर के डीईओ ने भेजा था।

बाबू राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला स्कूल के अलावा विभागीय जाँच की पेशियों पर गैरहाजिर रहे। यहाँ तक कि उनके नाम से जारी नोटिस उनकी पत्नी ने लिया। ऐसे में यही माना गया कि वे न तो नौकरी करना चाहते हैं और न ही उनका इस बारे में कुछ कहना है।

जनपद शिक्षा केंद्र पाटन की बीईओ एनपी शुक्ला और बीआरसी चिंतामन यादव द्वारा ली गई मासिक समीक्षा बैठक में देरी से पहुँचने तथा अधूरी जानकारी देने पर पाटन के बालक व कन्या और कटंगी के जन शिक्षा केंद्र के जन शिक्षकों को नोटिस जारी कर उन्हें दो दिनों में जवाब देने कहा गया। साथ ही काम न करने वाले शिक्षकों के नाम भी प्रस्तावित करने के उन्होंने निर्देश दिए, ताकि उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।