सांवेर उपचुनाव के लिए मैदान में 14 प्रत्याशी हैं। इनमें मजदूर, हम्माल, सब्जी विक्रेता से लेकर रिटायर अपर कलेक्टर, नेता, किसान सभी मैदान में हैं। भाजपा से नाराज होकर शिवसेना में शामिल हुए जगमोहन वर्मा ने खुद को हम्माल बताया है, वहीं बसपा प्रत्याशी विक्रम सिंह गेहलोत रिटायर अपर कलेक्टर और वर्तमान में वकील हैं। भाजपा प्रत्याशी तुलसी सिलावट मंत्री है और किसानी भी करते हैं। कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमचंद गुड्डू किसान और नेता हैं।

वहीं निर्दलीय प्रत्याशी देवकरण चौहान मजदूरी करते हैं। प्रेमचंद वासीवाल सब्जी विक्रेता हैं, दीपक मठोलिया फर्नीचर कारोबारी हैं, निर्मल चौहान राजेश मालवीय किसान हैं, सपाक्स उम्मीदवार संतोष रत्नाकर व्यापारी और बीमा एजेंट हैं तो प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी के प्रत्याशी सुभाष चौहान और जनता पार्टी के उम्मीदवार शैलेष ठगेले की निजी नौकरी है। निर्दलीय प्रत्याशी श्रवण देवडा वकील है।

हम्माली से हर साल 3 लाख 48 हजार कमाई
जगमोहन वर्मा ने शुक्रवार को नामांकन दाखिल किया। शपथ पत्र में उन्होंने खुद को हम्माल बताते हुए कमाई का मुख्य जरिया हम्माली बताया। इससे वह साल में 3 लाख 48 हजार
रुपए कमा लेते हैं। कुल 14 प्रत्याशियों में भाजपा, कांग्रेस, शिवसेना, बसपा, सपाक्स और प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी के साथ ही शेष निर्दलीय तौर पर चुनाव मैदान में उतरे हैं।

नहीं माने जगमोहन, शिवसेना से दाखिल किया नामांकन
पार्टी से इस्तीफा दे चुके भाजपा के वरिष्ठ नेता जगमोहन वर्मा को मनाने के सारे प्रयास नाकाम रहे। आखिरकार उन्होंने शुक्रवार को सांवेर उपचुनाव के नामांकन के अंतिम दिन शिवसेना के प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया। वर्मा शनिवार से प्रचार भी शुरू कर देंगे। गुरुवार को सांसद शंकर लालवानी उनके घर पहुंचे थे, लेकिन वर्मा नहीं माने। उन्होंने पालदा क्षेत्र में खड़ी कराई दोबारा शुरू करने की मांग की थी। भाजपा नेतृत्व इसके पक्ष में नहीं था।