17 अक्टूबर 2020 से नौ दिन माता भगवती को अपराजिता का फूल अर्पित कर बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करें। आइए जानें इन 9 दिनों में क्या करें, क्या न करें...

1.आप नवरात्रि का व्रत रखने में असमर्थ हैं तो भी आपको नौ दिनों तक अपने खान-पान पर विशेष नियंत्रण रखना चाहिए। मांस-मछली-मदिरा, लहसुन और प्याज का उपयोग कतई न करें। सात्विक आहार ही ग्रहण करें। इन दिनों कोरोना वायरस का प्रकोप चल रहा है ऐसे में आहार की शुद्धता का विशेष ख्याल रखें।

2. मां शक्ति स्वयं एक नारी हैं, इसलिए सदा नारी का सम्मान करें। देवी पुराण में उल्लेखित है कि मां भगवती उन्हीं की पूजा अर्चना स्वीकार करती हैं जो नारी का पूरा आदर-सम्मान करते हैं। जो नारी की इज्जत करते हैं, मां लक्ष्मी उनसे सदा प्रसन्न रहती हैं।

3. मां भगवती उसी पूजा को स्वीकारती हैं, जो शांति, श्रद्धा एवं प्रेम के साथ की जाए। नवरात्रि के पूरे दिन घर में शांति का वातावरण बनाकर रखें। हर किसी के साथ प्रेम एवं सद्भाव का व्यवहार करें, तभी घर में लक्ष्मी का वास होता है नवरात्रि के दिनों में घर में कलह, द्वेष और किसी का अपमान किए जाने पर घर में अशांति रहती है और बरकत नहीं होती।

4 . इस नवरात्रि में स्वच्छता का विशेष रखा जाता है। नौ दिनों तक सूर्योदय के साथ ही स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनना चाहिए। नवरात्रि के एक दिन पहले से किचन और मंदिर की अच्छे से सफाई करनी चाहिए। मंदिर में नए वस्त्र प्रयोग में लाएं। काले रंग के परिधान नहीं पहनें और ना ही चमड़े का बेल्ट पहनें। इन नौ दिनों तक बाल, दाढ़ी और नाखून भी नहीं कटवाने चाहिए।

5. नवरात्रि के दिन मूक और बेबस पशु-पक्षियों को परेशान नहीं करना चाहिए। इनके लिए दाना पानी की व्यवस्था करें। गौरतलब है कि मां दुर्गा का वाहन भी एक पशु है।

6. तंत्र-मंत्र अकसर गलत मकसदों के लिए किया जाता है। ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखना चाहिए।

7. अगर आपने घर में नवरात्रि के उपलक्ष्य में कलश की स्थापना की है तो यह मान लीजिए कि आपने देवी को घर पर आमंत्रित किया हुआ है। अत: दोनों समय उनकी पूजा-आरती और नैवेद्य चढ़ाना न भूलें। साथ ही घर में पूरे नौ दिन में एक पल के लिए भी ताला नहीं लगाएं। इसके अलावा बिस्तर पर नहीं सोकर जमीन पर सोना चाहिए।

8. घर आए अतिथि अथवा भिखारी का अपमान न करें। नवरात्रि का उपवास रखते हैं तो घर आए अतिथि से लेकर भिखारी तक का किसी का भी अपमान करने से बचें। बल्कि उन्हें आदर के साथ भोजन करा कर ही विदा करें। इससे मां भगवती प्रसन्न होती हैं।

9.दिन के वक्त सोकर समय गुजारने से बेहतर है ईश्वर पाठ करें। प्रातः स्नान-ध्यान कर अड़ोस-पड़ोस के साथ बैठकर कीर्तन रामायण-पाठ इत्यादि करें। आप चाहे तो दुर्गा सप्तशती का पाठ भी कर सकते हैं।

10. अगर आपने नौ दिन का उपवास रखा है तो पत्नी से दूरी बना कर रखें। ब्रह्मचर्य का पालन करें। मां भगवती की पूजा-अर्चना शुद्ध एवं पवित्र मन से करें।