हाथरस, हाथरस में जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है. पीड़ित परिवार ने शुरुआती इनकार के बाद अपनी बेटी की चिता से अस्थियां उठा ली हैं. हालांकि उनका सवाल अब भी बरकरार है कि पुलिस ने आधी रात को किस बॉडी को जलाया है ये उन्हें पता नहीं है. पीड़ित परिवार ने कहा है कि पुलिस ने आधी रात को जिस डेडबॉडी को जलाया वो उन्हीं की बेटी थी या नहीं, इसकी जांच के लिए वे चिता से उठाई गई अस्थियों की DNA जांच की मांग करेंगे. इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है. 

आज SIT टीम पीड़िता के गांव में
इस बीच इस मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम आज फिर हाथरस में पीड़िता के गांव जा रही है. यहां एसआईटी टीम पीड़ित परिवार का बयान लेगी. शनिवार देर रात जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ली तो उसके बाद भी SIT की टीम पीड़िता के परिवार के घर पहुंची.बता दें कि योगी सरकार ने भले ही इस केस की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है, लेकिन पीड़ित परिवार इस केस की न्यायिक जांच चाहता है. पीड़ित परिवार ने कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश से इस केस की जांच चाहते हैं. 

RLD के जयंत चौधरी भी मिलेंगे पीड़ित परिवार से
इस बीच पीड़ित परिवार से सियासी दल लगातार मिलने जा रहे हैं. आज राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी हाथरस में पीड़िता के गांव पहुंचेंगे और उनके परिवार से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा समाजवादी पार्टी के 11 नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी आज हाथरस पहुंचेगा और पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगा. 

पीड़ित परिवार से मिले राहुल और प्रियंका
शनिवार को हाथरस में एक बार फिर से हलचल रही. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हाथरस में पीड़िता के गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की. राहुल ने कहा कि पीड़िता का परिवार न्यायिक जांच के साथ सुरक्षा और डीएम पर कार्रवाई चाहता है. पीड़िता के परिजनों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा, "पीड़िता के परिवार की आवाज दुनिया की कोई भी ताकत दबा नहीं सकती. जहां-जहां अन्याय होगा, हम जाएंगे, हमें जाने से कोई भी सरकार नहीं रोक सकती, परिवार न्यायिक जांच के साथ सुरक्षा और डीएम पर कार्रवाई चाहता है. जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, हम अन्याय के खिलाफ लड़ते रहेंगे, बेटी के साथ गलत बर्ताव हुआ, परिवार के साथ लगातार खड़ा रहूंगा. पीड़ित परिवार की रक्षा करना यूपी सरकार की जिम्मेदारी है."प्रियंका गांधी ने कहा कि जहां-जहां अन्याय होगा, हम उसके खिलाफ लड़ेंगे. हम पीड़ित परिवार के साथ डटे हुए पीड़िता का परिवार बच्ची का चेहरा तक नहीं देख पाया, यह बहुत दुखद है. यह अन्याय है. प्रियंका गांधी ने कहा कि पीड़ित परिवार की मांग है कि डीएम को सस्पेंड किया जाए और उन्हें कोई पोस्ट न दी जाए, प्रियंका ने कहा कि पीड़ित परिवार पूछ रहा है कि आखिर उनकी बेटी के शव को बिना उनकी अनुमति के पेट्रोल का इस्तेमाल क्यों जलाया गया.राहुल गांधी और प्रियंका ने मृतका के परिवार से उनके घर के अंदर जाकर बातचीत की. इस दौरान प्रियंका ने पीड़िता की मां को गले लगा लिया. राहुल और प्रियंका से मिलकर पीड़िता का परिवार काफी भावुक हुआ और पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से दोनों को बताया. कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का चेक भी दिया और कहा कि वे उनकी हर तरह से मदद करने को तैयार हैं. 

पीड़ित परिवार के लिए CRPF सुरक्षा की मांग
इस बीच शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शनिवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को पत्र लिखकर पीड़िता के परिवार के लिए सीआरपीएफ सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को कैद में रखा जा रहा है और हाथरस में अधिकारियों द्वारा धमकी दी जा रही है.

पीड़ित परिवार से मिले डीजीपी, मुख्य सचिव
इससे पहले शनिवार को ही राज्य के पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी और अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें न्याय का आश्वासन दिया. इन अफसरों ने नौ लोगों से बात की, जिनमें पीड़ित के पिता, मां, भाई और बहन शामिल थे. 

मीडिया के सामने डीएम की शिकायत
बता दें कि शनिवार को पहली बार मीडिया को पीड़ित परिवार से बात करने की इजाजत दी गई. इस दौरान पीड़िता की भाभी ने आजतक को बताया कि जिले के डीएम परिवार के खिलाफ अभद्रता से पेश आ रहे थे. डीएम ने परिवार को कहा था कि तुम्हें कितने पैसे मिले हैं पता है? इसके अलावा पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि डीएम ने उन्हें यह भी कहा कि अगर लड़की की मौत कोरोना से होती तो क्या उन्हें मुआवजा मिलता?