पुरी । पुरी के जगन्नाथपुरी मंदिर में हड़कंप मच गया है। मंदिर के 351 सेवादार और 53 कर्मचारी कोरोना से संक्रमित मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण के केस आने के बाद श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने मंदिर का सैनिटेशन करवाने का काम शुरू कर दिया है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के प्रशासक अजय जेना ने बताया कि 12वीं शताब्दी के मंदिर में कुल 404 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि इतनी बड़ी संख्या में सेवादारों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के बावजूद भगवान जगन्नाथ के अनुष्ठान जारी हैं, लेकिन थोड़ी समस्याएं आ रही हैं। कोविड -19 के कारण मार्च में लॉकडाउन के बाद जगन्नाथ मंदिर बंद कर दिया गया था। अभी तक इस श्रद्धालुओं के लिए नहीं खोला गया है। अधिकारी ने कहा कि अधिकांश सेवक, जिन्हें संक्रमण की पुष्टि हुई है वे सभी होम आइसोलेशन में ही हैं। उनके होम आइसोलेशन में होने के बाद मंदिर में पूजा-पाठ और अनुष्ठान के जानकारों की कमी हो गई है। कम से कम 13 पुजारी एक साथ ग्रुप में भगवान बालभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ का अनुष्ठान करते हैं। इसलिए, अन्य सेवादारों के अलावा 39 पुजारियों की उपस्थिति दैनिक अनुष्ठान करने के लिए जरूरी होती है, ताकी पूजा सही से की जा सके।
प्रशासक ने बताया कि पुरी मंदिर की विशिष्टता यह है कि अनुष्ठान एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं। अनुष्ठान रोज तड़के शुरू होते हैं और देर रात तक चलते हैं।अगर एक अनुष्ठान नहीं किया जाता है, तो मंदिर की परंपरा के अनुसार उसका अगला अनुष्ठान भी नहीं किया जा सकता है। अगर आने वाले दिनों में और ज्यादा संख्या में सेवादार या कर्मचारी कोरोना संक्रमित होते हैं तो मंदिर के अनुष्ठान को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। हालांकि अब प्रशासन कनिष्ठ सेवादारों को अनुष्ठान में शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।