पटना. बिहार में विधानसभा का चुनावी बिगुल बजते ही पार्टियां एक दूसरे पर हमलावर हो गई हैं. इस कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने रविवार को बिहार के युवाओं और रोजगार के मुद्दे को लेकर बड़ा ऐलान किया. पटना में प्रेस से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा है कि अगर उनकी सरकार बनी तो सबसे पहले कैबिनेट की बैठक में बेरोजगारों (Unemployment) के हित में फैसला लिया जाएगा और 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी जाएगी.

तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों का हवाला देते हुए ये बात कहीं. तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने बेरोजगारों को अपने साथ जोड़ने के लिए जो मुहिम शुरू की थी वो जबर्दस्त तरीके से सफल साबित हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही हम 10 लाख सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली भर्ती पर फैसला लेंगे. तेजस्वी ने नीतीश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ने कहा कि यह वादा कोई झूठा नहीं है क्योंकि इससे पहले ही सरकार सिर्फ झूठ बोलते आ रही है.

तेजस्वी यादव ने कहा कि बेरोजगारी का पोर्टल और टोल फ्री नम्बर पर 9 लाख 47 हजार 324 युवाओं अपने बायोडाटा के साथ रजिस्टर किया है. मिस्ड कॉल नम्बर 13 लाख 11 हजार 626 कुल 22 लाख 58 हजार से अधिक युवाओं ने हमारे पोर्टल से रजिस्ट्रेशन किया है. उन्होंने कहा कि 5 सितंबर को हमने पोर्टल और मिस्ड कॉल नम्बर जारी किया था और महज 23 दिन में इतने बेरोजगार युवा जुड़े हैं.

तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार जवाब दें कि बिहार के युवाओं को रोजगार क्यों नहीं दिया. नौकरी मांगने पर लाठीचार्ज क्यों किया गया. घोटाला पर घोटाला क्यों हुआ. उन्होंने कहा कि दस लाख स्थायी नौकरियां दी जा सकती थीं जो इस सरकार ने नहीं कीे लेकिन हम पहली कैबिनेट के दो माह के अंदर इन खाली पदों को भरेंगे.
तेजस्वी ने आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग और WHO द्वारा मानक के तहत नौकरी देंगे. 1 हजार मरीज पर 1 डॉक्टर होना चाहिए इस हिसाब से 1 लाख डॉक्टर की जरूरत बिहार को है. इस हिसाब से स्वास्थ्य विभाग में सहियोगी स्टाफों को जोड़ें तो ढाई लाख स्टाफ की जरूरत है. बिहार में 50 हजार पुलिसकर्मियों का पद रिक्त पड़ा है. 1 लाख की आबादी पर अभी बिहार में 77 पुलिसकर्मी हैं जो कि मणिपुर जैसे छोटे राज्य से भी कम है. बिहार महत्वपूर्ण पदों को भरने में फिसड्डी है