श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए सरकारी अधिकारियों को उनके मौखिक आदेशों को परिपत्र की तरह मानकर काम करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर दंड के लिए आगाह किया गया है। राष्ट्रपति कार्यालय के मीडिया विभाग द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, राजपक्षे युवा प्रांत के हलदुम्मुला में वेलनविटा गांव में शुक्रवार को 'ग्रामीणों के साथ चर्चा मंच को संबोधित कर रहे थे।

बयान में उनके हवाले से कहा गया है, सभी मौखिक आदेशों को परिपत्र मानकर काम करें, जो इसे नजरअंदाज करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजपक्षे ने कहा, ''मैं आशा करता हूं कि सरकारी अधिकारी लोगों की समस्याओं को समझने का प्रयास करेंगे और समाधान निकालेंगे। मैं सही काम करने वाले और जनता की भलाई में फैसला करने वाले अधिकारियों के साथ हमेशा खड़ा रहूंगा।

उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों को लोगों की समस्याओं का समाधान करने में लंबा समय लग जाता है। राष्ट्रपति ने कहा, ''अगर एक संस्थान को लिखित सवाल के जवाब में दूसरे संस्थान से 14 दिनों में जवाब नहीं मिलता है तो इसे मंजूर समझना चाहिए। राजपक्षे पिछले साल नवंबर में राष्ट्रपति बनने के बाद से लगातार सरकारी कार्यालयों का औचक दौरा कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्परता से काम करने को कहा है।