बिहार के सभी गांवों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने की योजना विकास के मील का पत्थर होगी
 

बिहार के सभी गांवों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने की योजना विकास के मील का पत्थर होगीप्रधानमंत्री ने इस परियोजना को बिहार के डिजिटल भविष्य का शुभारंभ बताया.

Optical fiber internet plan: गांवों में इंटरनेट पहुंचने से सरकारी खर्च पर पांच चिन्हित सरकारी संस्थाओं जैसे की विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, जीविका दीदी आदि को एक वर्ष तक मुफ्त इंटरनेट भी उपलब्ध करवाया जाएगा. जो घर अपने यहां निजी इंटरनेट की लाइन लेना चाहेंगे वो भी कम मासिक शुल्क पर इंटरनेट की सुविधा अपने घरों में लगवा सकेंगे.

बिहार) के विकास के लिए ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट योजना  भले ही विधानसभा चुनावों  के कुछ ही समय पहले शुरू की जा रही हैं, लेकिन राज्य की तरक्की के लिए ये योजनाएं मील का पत्थर साबित होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने बिहार के सभी 45,945 गांवों को ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट से जोड़ने वाली परियोजना की शुरूआत की. भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की इस परियोजना के तहत 1,000 करोड़ रुपयों की लागत से बिहार के सभी गांवों में मार्च 2021 तक ऑप्टिकल फाइबर बिछा कर तेज गति इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी. इस कार्य का क्रियान्वयन भारत की संस्था कॉमन सर्विस सेंटर या सीएससी के द्वारा किया जाएगा. इस से कॉमन सर्विस सेंटर के संचालकों और ग्रामीण क्षेत्रों में ऑप्टिकल फाइबर के कार्य में लगे युवाओं को रोजगार भी मिलेंगे.

अब तक बिहार के सभी 8,339 ग्राम पंचायतों तक भारत नेट परियोजना के द्वारा ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जा चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए अपने संबोधन में कहा था कि अगले एक हजार दिनों में देश के सभी 6 लाख गांवों को ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट से जोड़ा जाएगा. इसी की शुरुआत आज उन्होंने बिहार से की है और राज्य में इस कार्य को पूरा करने के लिए मार्च 2021 तक लक्ष्य भी रखा है.

कॉमन सर्विस सेंटर से लोगों को होंगे कई फायदे

गांवों में इंटरनेट पहुंचने से सरकारी खर्च पर पांच चिन्हित सरकारी संस्थाओं जैसे की विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, जीविका दीदी आदि को एक वर्ष तक मुफ्त इंटरनेट भी उपलब्ध करवाया जाएगा. जो घर अपने यहां निजी इंटरनेट की लाइन लेना चाहेंगे वो भी कम मासिक शुल्क पर इंटरनेट की सुविधा अपने घरों में लगवा सकेंगे. कॉमन सर्विस सेंटर के द्वारा गांवों में टेली-मेडिसिन के द्वारा जनता को बड़े अस्पतालों के अच्छे डॉक्टरों की सलाह भी मिल सकेगी. छात्र तेज़ गति इंटरनेट उपलब्ध होने से डिजिटल शिक्षा की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे. किसानों को देश के किसी भी भाग में अपनी उपज बेचने और इंटरनेट के द्वारा अपनी फसल के बारे में विशेषज्ञों की राय भी मिल पाएगी.
 

डिजिटल भविष्य का शुभारंभ

प्रधानमंत्री ने इस परियोजना को बिहार के डिजिटल भविष्य का शुभारंभ बताया. उन्होंने कहा की इंटरनेट की अच्छी उपलब्धता से गांव और शहर की दूरियां मिटेंगी और लोगों को कई सुविधाओं के लिए शहर नहीं आना पड़ेगा. उन्होंने बिहार के लोगों को इस बात की भी बधाई दी कि इस परियोजना के पूरा होने पर सभी गांवों को ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट से जोड़ने वाला बिहार देश का पहला राज्य बन जायगा.

इस कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार का विकास तेज़ हुआ है. हर क्षेत्र में जितने विकास की परियोजनाएं बिहार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में मिली हैं उतनी पहले कभी नहीं मिली है. लगभग 1000 करोड़ की लागत वाली ऑप्टिक्ल फाइबर की इस परियोजना को बहुत की कम समय में अपनी मंजूरी देने के लिए उन्होंने प्रधानमन्त्री जी को सभी बिहार वासियों की तरफ से धन्यवाद दिया. इस परियोजना के द्वारा ग्रामीण स्‍तर पर भी इंटरनेट और संचार तकनीक का काम करने वाले प्रशिक्षित युवा डिजिटल सिपाही के रूप में तैयार होंगे.