बिहार में चुनावी काल में मेहरबार केंद्र की मोदी सरकार ने एक बार फिर प्रदेश को 14 हजार 258 करोड़ की सौगात दी है। पीएम मोदी ने प्रदेश में तीन 4 लेन समानांतर पुल और चार सड़कों का ऑनलाइन शिलान्यास किया है।

शिलान्यास होने वाली योजनाओं में तीन महासेतु में एक गांधी सेतु, दूसरा विक्रमशिला सेतु के समानांतर और तीसरा फुलौत का चार लेन का पुल शामिल हैं। जबकि चार सड़कों में आरा-मोहनिया, रजौली-बख्तियारपुर, नरेनपुर-पूर्णिया व कन्हौली-रामनगर शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के 45 हजार 945 गांवों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने वाली सेवाओं का भी उद्घाटन किया। राज्य में अक्टूबर-नवम्बर के महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं।

पीएम 2926.42 करोड़ की लागत से गांधी सेतु के समानांतर 14.5 किमी चार लेन पुल, 1110.23 करोड़ की लागत से  विक्रमशिला सेतु के समानांतर 4.455 किमी लंबे चार लेन पुल और 1478.40 करोड़ की लागत से फुलौत में 28.93 किमी लंबे चार लेन पुल का पहुंच पथ के साथ निर्माण कार्य का शिलान्यास किया है। इसके अलावा 2288 करोड़ की लागत से 49 किमी लंबी नरेनपुर-पूर्णिया 4 लेन सड़क, 1149.55 करोड़ की लागत से एनएच 31 के 47.23 किमी लंबी बख्तियारपुर-रजौली खंड का दो पैकेज में 4 लेन चौड़ीकरण कार्य का भी शिलान्यास किया। 

प्रधानंत्री मोदी ने 1149.55 करोड़ की लागत से एनएच 31 के 47.23 किमी लंबी सड़क बख्तियारपुर-रजौली खंड का तीन पैकेज में 4 लेन तो 913.5 करोड़ की लागत से एनएच 131 जी के पटना रिंग रोड परियोजना में 39 किमी लंबी रामनगर-कन्हौली सड़क का 6 लेन चौड़ीकरण शामिल है। 855.93 करोड़ की लागत से 60.80 किमी लंबी एनएच 30 के परारिया-मोहनिया सड़क का 4 लेन चौड़ीकरण तो 885.41 करोड़ की लागत से एनएच 30 के 54.53 किमी लंबी आरा-परारिया सड़क का 4 लेन चौड़ीकरण होगा।

राज्य के सभी 45 हजार 945 गांवों तक ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवा  
ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवा की विस्तृत् जानकारी देते हुए पीएमओ ने इसे प्रतिष्ठित परियोजना बताया, जिसके तहत राज्य के सभी 45 हजार 945 गांवों को जोड़ा जाएगा। इससे राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में 'डिजिटल क्रांति' आएगी। इस परियोजना का क्रियान्वयन संचार विभाग, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) के संयुक्त प्रयासों से किया जाएगा।

पीएमओ ने कहा कि सीएससी के बिहार भर में 34 हजार 821 केंद्र हैं और वह अपने कार्यबल का इस्तेमाल इस परियोजना में करेगा। इस परियोजना के तहत प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों जैसे सरकारी संस्थानों में एक वाई-फाई और पांच मुफ्त कनेक्शन की सुविधा प्रदान होगी। इस परियोजना से लोगों को डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।