शहर के अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर की बढ़ती मांग के कारण इनके दामों में भी इजाफा होता जा रहा है। आपूर्तिकर्ताओं ने हर सिलिंडर पर 50 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। इसका असर मरीजों पर भी पड़ रहा है और उनका बिल बढ़ता जा रहा है। बढ़ी हुई दर की शिकायतें प्रशासन के पास भी पहुंच रही हैं। इसे देखते हुए संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा और कलेक्टर मनीष सिंह ऑक्सीजन के संयंत्र संचालकों, आपूर्तिकर्ताओं और अस्पताल संचालकों की जल्द ही बैठक बुलाने वाले हैं।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद ऑक्सीजन सिलिंडर की दरों को नियंत्रित करने का रास्ता निकाला जाएगा। प्रशासन द्वारा ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए तो काफी प्रयास किए जा रहे हैं और इससे हालात नियंत्रण में भी हैं, लेकिन ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए इसके आपूर्तिकर्ता और कारोबारी भी फायदा उठा रहे हैं।

दूसरी तरफ अस्पतालों ने भी अपने बिल में ऑक्सीजन सिलिंडर के रेट बढ़ाकर लगाने शुरू कर दिए हैं। ऑक्सीजन के आपूर्तिकर्ताओं का कहना है कि भिलाई, बोकारो जैसे दूरदराज के स्थानों से ऑक्सीजन सिलिंडर बुलवाने के कारण हमें ट्रांसपोर्टेशन भी अधिक लग रहा है। यह विशेष प्रकार का टैंकर होता है, जिसे सामान्य ट्रांसपोर्टर नहीं रखते हैं। ऑक्सीजन व्यवस्था के नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर अभय बेडेकर ने बताया कि ऑक्सीजन महंगी होने की शिकायतें मिल रही हैं। इस संबंध में उच्च अधिकारी ऑक्सीजन के आपूर्तिकर्ताओं से चर्चा कर कोई निर्णय लेंगे