रायपुर । आम लोगों को आशंका है कि कोरोना जांच कराने पर यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई तो क्या होगा, अस्पताल के अलावा कोई विकल्प है क्या? इस डर में कई लोग कोरोना जांच कराने के बाद अपना मोबाइल बंद कर ले रहे हैं। यह उनके और उनके स्वजन के लिए बिल्कुल सही नहीं है। यह कहना है स्वास्थ्य विभाग का।

विभाग के अनुसार रैपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट जल्दी आती है और रियल टाइम पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (आरटीपीसीआर) टेस्ट की रिपोर्ट दूसरे या तीसरे दिन आती है। ऐसे कोरोना पॉजिटिव, जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं है उन्हें विकल्प दिया जाएगा कि अपने घर में रहकर चिकित्सक की देखरेख में इलाज कराएं या निजी अस्पताल अथवा कोविड केयर सेंटर में भर्ती हो जाएं।

होम आइसोलेशन की इच्छा जताने पर उसी समय मरीज के फोन पर होम आइसोलेशन का लिंक भेजा जाएगा। इसमें एक फार्मेट में कुछ जानकारी ऑनलाइन देनी होती है। यदि मरीज को जानकारी भरने में परेशानी हो तो 7566100283 नंबर पर संपर्क कर मदद ली जा सकती है। यदि मरीज के घर में उसे रखने के लिए पृथक कमरा, बाथरूम युक्त शौचालय है तो अधिकारी सर्वेक्षण कर होम आइसोलेशन की अनुमति देते हैं। होम आइसोलेशन एप के जरिए सरकारी और निजी चिकित्सक मरीजों से जुड़े हुए हैं।

आपातकालीन नंबर पर फोन कर लें सलाह

जिला प्रशासन ने कलेक्टोरेट में आइसोलेशन कंट्रोल रूम बनाया है। कोई भी मरीज आपातकालीन नंबरों-7566100283,7566100284,7566100285 पर फोन कर सलाह, सहायता ले सकता है। किसी भी समय मरीज की तबीयत बिगड़ने पर एंबुलेंस भेजकर अस्पताल में भर्ती किया जाता है।

इनका कहना है

जो कोरोना पॉजिटिव होने की बात छिपाते हैं, वह खुद और स्वजनों को खतरे में डालते हैं। अपना इलाज कराएं और स्वजनों को भी इस बीमारी सें बचाएं। शासन हर स्तर पर लोगों की मदद कर रहा है।