नई दिल्ली |  पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के सात बीते चार महीनों से टकराव जारी है। इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारत और चीनी सैनिकों के बीच जारी गतिरोध को लेकर आज यानी मंगलवार को संसद में एक बयान दे सकते हैं। संसदीय सूत्रों ने यह जानकारी दी। विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर चर्चा कराये जाने की मांग के बीच यह बयान काफी महत्व रखता है। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की हाल में मास्को में चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगहे के साथ मुलाकात हुई थी। कुछ दिन पहले विदेश मंत्री जयशंकर की भी चीन के उनके समकक्ष वांग यी के साथ मुलाकात हुई थी। चीन के साथ सीमा विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच हर स्तर पर वार्ता हो रही है, मगर चीनी सेना बार-बार घुसपैठ की कोशिश करती है, जिसे भारतीय सेना नाकाम कर देती है।

इस बीच, कैबिनेट और मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की मंगलवार अपराह्न वीडियो कांफ्रेंस के जरिये बैठक हो सकती है। सरकार के सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सोमवार से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में विपक्ष भारत-चीन मुद्दे, कोविड की स्थिति, आर्थिक शिथिलता और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने का कोई मौका छोड़ने के पक्ष में नहीं है।

बता दें कि चीन और भारत के सैनिकों के बीच बीते 15 जून को हिंसक झड़प हुई थी जिसमें भारत के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गये थे। चीन के भी बड़ी संख्या में सैनिक मारे गये थे हालांकि चीन ने कभी आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया। इसके बाद फिर से 29-30 अगस्त की रात चीनी सेना ने घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया।