लंदन । विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ जारी वैश्विक जंग में अब उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अदनोम गेब्रेयसस ने कहा कि कोरोना महामारी को काबू करने के लिए अभी बहुत ज्यादा देरी नहीं हुई है। उन्होंने दुनियाभर के देशों से अपील की कि वे कोरोना को फैलने से रोके ताकि समाज को फिर से खोला जा सके। टेड्रोस ने अनुमान लगाया है कि इस सप्ताह कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या दो करोड़ तक पहुंच जाएगी, जिनमें लगभग 7,50,000 मौत के मामले शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस ने कहा, 'इन आंकड़ों के पीछे बहुत दर्द और पीड़ा है।Ó उन्होंने वायरस से लडऩे के लिए कोई नई रणनीति नहीं बताई लेकिन उन्होंने विश्व के लिए न्यूजीलैंड का उदाहरण रखते हुए कहा, 'नेताओं को उपाय करने के लिए कदम उठाने चाहिए और नागरिकों को नए उपायों को अपनाने की आवश्यकता है। 
मौसम के हिसाब से नहीं चलता कोरोना वायरस
बता दें कि न्यूजीलैंड में 100 दिन से वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है। टेड्रोस ने कहा कि हाल ही में ब्रिटेन और फ्रांस सहित देशों ने जो उपाय अपनाएं हैं, वे नए मामलों को रोकने के लिए आवश्यक विशिष्ट रणनीतियों का एक अच्छा उदाहरण है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपात सेवा प्रमुख ने कहा है कि कोविड-19 अन्य वायरस की तरह मौसम के हिसाब से नहीं चलता। इन्फ्लुएंजा जैसे वायरस संक्रमण जहां मुख्य रूप से सर्दी में होते हैं, वहीं कोरोना वायरस महामारी गर्मियों में भी प्रकोप दिखा रही है। जबकि कुछ वैज्ञानिकों और नेताओं ने पहले पूर्वानुमान जताया था कि गर्मियों में कोरोना वायरस का असर कम हो जाएगा। डॉ माइकल रियान ने सोमवार को कहा, 'वायरस ने अब तक मौसम के हिसाब से पैटर्न नहीं दिखाया है। इसने स्पष्ट दिखाया है कि अगर आप वायरस से दबाव हटाते हैं तो यह पटलवार करता है।