बिलासपुर । छत्तीसगढ़ का पारम्परिक त्यौहार हलषष्टी नगर में श्रद्धा व उत्साह से मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओ ने अपने संतान की लंबी आयु की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा। महिलाएं नगर के प्रसिद्ध शंकर मंदिर पहुंच कर वहां सगरी बनाकर उसमें जल डालकर पूजा अर्चना कर संतान की दीर्घायु की कामना की पंडितों ने विधि विधान से पूजा करवाई। महिलाओं ने पूजा के लिए बनाई गई सगरी (तालाब कुंड) की परिक्रमा की और गीत गाए। पूजा में पसहर चावल व छह प्रकार की भाजी का भोग लगाया गया और प्रसाद को ग्रहण कर महिलाओं ने व्रत तोड़ा। प्राचीन मान्यताओ के अनुसार इस दिन पूजा करने से संतानो पे आयी विपत्ति टल जाती है तथा सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है वही निसन्तानो को भी संतान का सुख प्राप्त होता है इस लिए महिलाओ के लिए इस पर्व का विशेष महत्त्व है इस दौरान भारी संख्या में महिलायें उपस्थित रही।