तेजी से बदल रहे क्रिकेट के प्रारूपों और लगातार बढ़ रहे टूर्नामेंट और लीग की वजह से खिलाड़ियों को लगातार स्वास्थ से संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिस तरह से क्रिकेटरों को पहले के मुताबिक अधिक संख्या में मैच खेलने पड़ रहे हैं, वो अब प्रबंधन के लिए भी चिंता का विषय बनता जा रहा है। यही कारण है कि ग्लेन मैक्सवेल से पहले कई और खिलाड़ियों ने भी मानसिक थकान और अवसाद की वजह से क्रिकेट से ब्रेक ले लिया या क्रिकेट को बीच में ही छोड़ दिया।
 

रयान कैम्पबेल 
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर बल्लेबाज रयान कैम्पबेल जिन्होंने राष्ट्रीय टीम की तरफ से दो एकदिवसीय खेले थे, वह दो साल तक अवसाद में रहे थे। रयान को 2001 में दिक्कत शुरू हुई थी उसके बाद उन्होंने इलाज करवाया था। उसके बाद उन्होंने दूसरे खिलाड़ियों की मदद करनी शुरू कर दी।
 

मार्कस ट्रेस्कोथिक 
इंग्लैंड के सफलतम सलामी बल्लेबाजों में से एक रहे ट्रेस्कोथिक एक बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं। उन्हें देखकर इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल था कि वे भी अवसाद में हैं। 2006 में भारत दौरे के बाद ट्रेस्कोथिक को अहसास हुआ कि वे मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। इसके बाद उन्होंने सुधार की काफी कोशिश की और वापसी करने में लगे रहे लेकिन अवसाद और थकान की वजह से नहीं कर पाए।
 

माइकल यार्डी 
ससेक्स के ऑलराउंडर जो वर्ल्ड टी-20 विजेता इंग्लैंड की टीम के अहम सदस्य थे, वे भी मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गए थे। वजन बढ़ना, घबराहट जैसी समस्याओं से वे परेशान होने लगे थे। वे टीम में जगह बनाने संघर्ष करते रहे, खराब फॉर्म की वजह से भी वे परेशान होने लगे हालांकि बाद में टीम के स्पिन कोच मुश्ताक अहमद ने उनकी समस्या समझी और उन्हे क्रिकेट से आराम करने को कह दिया।
 

शॉन टेट 
ऑस्ट्रेलिया के तेज और सफल गेंदबाज टेट को भी इसी समस्या का सामना करना पड़ा था। 150किमी/घंटे की रफ़्तार से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाज को भी मानसिक थकान और अवसाद का सामना करना पड़ा। इसकी वजह से उनके फॉर्म पर भी फर्क पड़ा और वे टीम से अन्दर-बाहर होने लगे। इसके बाद उन्होंने भी क्रिकेट से ब्रेक ले लिया और फिर क्रिकेट के छोटे फॉर्मेट में खेलना शुरू कर दिया।
 

जोनाथन ट्रोट 
दक्षिण अफ्रीकी मूल के खिलाड़ी ट्रोट इंग्लैंड की तरफ से खेलने वाले शानदार खिलाड़ी थे, लेकिन फॉर्म से जूझने और टीम में मुश्किल से जगह बनाने की वजह से वे परेशान होने लगे और कुछ समय बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गए जिसका असर उनके खेल पर भी देखने को मिला।