इंदौर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में एक तरफ राजनेता लगातार कोरोना (COVID-19) की चपेट में आते जा रहे हैं. वहीं राज्य सरकार के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) कोरोना की परवाह किए बिना भीड़ में भी बिना मास्क के पहुंच रहे थे. चाहे वो अपने विधानसभा क्षेत्र दतिया के दौरे पर होंं या राजधानी भोपाल में रहते हों, कभी मास्क नहीं लगाते थे. जबकि सरकार ने मास्क न लगाने वालों पर सख्ती बरतने के निर्देश दे रखे थे. लेकिन कानून की पालना कराने वाले खुद नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे. इस खबर को न्यूज़ 18 ने बुधवार को प्रमुखता से उठाया था. खबर के बाद पूरी सरकार हरकत में आ गई. नरोत्तम मिश्रा को भी मुंह पर मास्क लगाना पड़ा. हालांकि मास्क (Mask) न लगाने के पीछे वो अपने कई तर्क जरूर देते रहे कि माइक पर बोलने में मास्क की वजह से दिक्कत होती है. आवाज साफ नहीं पहुंचती इसलिए मास्क नहीं लगाते थे.

कांग्रेस ने घोषित किया था इनाम
अपने दौरों मुलाकातों और मीडिया के सामने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जेल और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा बिना मास्क के दिखाई देते थे. जबकि आम आदमी पर बिना मास्क के जुर्माना लगाया जा रहा था जिससे वो विपक्ष के निशाने पर आ गए थे. कांग्रेस ने गृह मंत्री को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करने वाले को 11 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा तक कर दी थी. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी नरेंद्र सलूजा ने कहा था कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है. प्रदेश के सीएम और कई मंत्री भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं. ऐसी स्थिति में गृह मंत्री बिना मास्क के घूम रहे हैं. इसलिए जो भी व्यक्ति नरोत्तम मिश्र को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करेगा उसको 11 हजार रुपये का नगद इनाम दिया जाएगा.