इंदौर. कहते हैं कि जिस इंसान के अंदर पढ़ने और आगे बढ़ने की ललक होती है, वह अपना रास्ता खुद ही बना लेता है. मध्य प्रदेश के एजुकेशन हब कहे जाने वाले इंदौर (Indore) शहर में एक बच्ची की काबिलियत कुछ ऐसी है कि उसके बारे में जानकर हर कोई हैरान हो जाता है. महज 12 साल की उम्र में इस बच्ची (12 Year Girl) ने 12वीं कक्षा की परीक्षा (12th Board Exam) पास कर ली. इससे भी खास बात यह है कि मेडिटेशन और योग के जरिये इस बच्ची ने खुद को इस तरह से तैयार कर लिया है कि आंखों पर पट्टी बांधकर भी वो किताबें पढ़ लेती है. आईक्यू लेवल इतना हाई है कि इस बच्ची को देखकर आपको अल्बर्ट आंइस्टीन और स्टीफन हॉकिंग जैसे वैज्ञानिकों की याद आ जाए.

10 भाषाएं जानती है तनिष्का
बच्ची का नाम तनिष्का सुजीत है. तनिष्का का आईक्यू लेवल उसके उम्र के सामान्य बच्चों से काफी ज्यादा है. उसने मध्य प्रदेश बोर्ड की 12वीं की परीक्षा 62.8 फीसदी अंकों से पास कर ली है. 12 साल की उम्र में 12वीं की परीक्षा पास करने वाली वो प्रदेश की पहली छात्रा बन गई है. फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाली तनिष्का को हिंदी और अंग्रेजी के अलावा मलयालम, कन्नड़, तेलुगू, उड़िया, बंगाली, उर्दू समेत 10 भाषाओं का ज्ञान है. इतना ही नहीं वह आंखों पर काली पट्टी बांधकर जिस तरह से पजल सॉल्व कर लेती है, यह देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. इसी तरह स्केटिंग चलाने में भी तनिष्का माहिर है.

कोरोना से हुई पिता की मौत
तनिष्का ने अपनी पढ़ाई घर पर रह कर ही की है. उसके पिताजी ने ही परीक्षा की तैयारी करने में उसकी मदद की थी. लेकिन दुर्भाग्य की बात ये है कि रिजल्ट निकलने से पहले गत 2 जुलाई को पिता की कोरोना से मौत हो गई जिसका सदमा पूरे परिवार को लगा है. यह परिवार इंदौर से अपने मामा के घर झांसी चला गया है. बच्चे की मां उसके पिता के सपनों को साकार कराने की बात कह रही है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने 12वीं की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन से पास कर मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाया है. वहीं तनिष्का का कहना है कि वो अपने मम्मी-पापा के सपनों को जरूर पूरा करेगी.