अहमदाबाद। कोरोना से जूझते गुजरात में अहमदाबाद विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों के लिए एक नए तरह के सपोर्ट की घोषणा की, ताकि 2020 का स्नातक बैच विश्वविद्यालय में ही बना रह सके। विश्वविद्यालय ने सोमवार को बताया कि उसने अपने स्नातकों के लिए सर्टिफिकेट और स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम और माइनर्स कोर्स तैयार किया है ताकि वे बाहर उचित अवसर मिलने तक वे विश्वविद्यालय में बने रहें। मिली जानकारी के मुताबिक जो छात्र इस वर्ष ग्रेजुएट होने थे वे अपने स्नातक स्तर की पढ़ाई को किसी बाद की तारीख तक स्थगित कर सकते हैं और इस वर्ष विश्वविद्यालय में अधिक पाठ्यक्रम ले सकते हैं, या इस साल ग्रेजुएट हो सकते हैं या 30-क्रेडिट डिप्लोमा या 15-क्रेडिट सर्टिफिकेट प्रोग्राम पूरा कर सकते हैं। अहमदाबाद विश्वविद्यालय ने कहा कि ये सर्टिफिकेट और स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए भी खुले हैं।
 अहमदाबाद विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर पंकज चंद्रा ने एक बयान में कहा, "हमने अपने छात्रों के लिए इन अवसरों का निर्माण किया है जो आगे की पढ़ाई या नौकरी करने में देरी जैसी स्थिति का सामना कर सकते हैं। हमें लगता है कि इस कठिन मोड़ पर हमारे छात्रों की परवाह करना हमारी जिम्मेदारी है। नया प्रस्ताव बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) या बैचलर ऑफ कॉमर्स के छत्रों को विश्वविद्यालय में अतिरिक्त वर्ष रहने और मानद उपाधि प्राप्त करने का अवसर देता है।
यह किसी भी यूनिवर्सिटी के छात्र को ग्रेजुएशन को टालकर समर टर्म, मानसून सेमेस्टर और विंटर सेमेस्टर सहित अतिरिक्त सेमेस्टर के लिए विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम जारी रखने की अनुमति देता है। चंद्रा ने कहा, "अगर उन्होंने तीन साल का स्नातक कार्यक्रम पूरा कर लिया है, तो एक अतिरिक्त दो सेमेस्टर डिप्लोमा उन्हें विश्वविद्यालय में एक चौथा वर्ष प्रदान करता है, जो उन्हें अगले साल विदेश में स्नातक कार्यक्रमों के लिए आवेदन करने के लिए योग्य बनाता है।
अहमदाबाद विश्वविद्यालय ने अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए भी कई प्रोग्राम का विकल्प रखा हैं।