भोपाल : लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण द्वारा गंभीर कुपोषित बच्चों में कोरोना वायरस संक्रमण के नियत्रंण एवं बचाव के दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं। उल्लेखनीय है कि गंभीर कुपोषित बच्चों में सामान्य बच्चों की तुलना में आम बाल्यकालीन बीमारियों से नौ से बीस गुना अधिक खतरा रहता है। अत: पोषण केन्द्रों, एस.एम.टी.यू. एवं स्मार्ट यूनिट, एम्स भोपाल से भर्ती गंभीर कुपोषित बच्चों में कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण और बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

केन्द्र में भर्ती संबंधी निर्देश

एन.सी.आर में भर्ती के समय समस्त बच्चों में कोविड-19 के लक्षणों(तेज बुखार के साथ सर्दी, खांसी व सांस लेने में तकलीफ) की जाँच एवं कोविड-19 लक्षणात्मक बच्चों को कोविड-19 स्क्रीनिंग वार्ड में रेफर कर Isolate किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रमण से बचाव के लिए शैय्याओं के बीच कम से कम एक मीटर की दूरी हो। वार्ड में संकुचित जगह की दशा में भर्ती बच्चों को उपलब्ध कराई जाने के निर्देश दिए गए है। भर्ती बच्चों की माताओं के साथ दैनिक समूह परामर्श, प्ले थेरेपी, पौष्टिक आहार बनाने की विधि का प्रदर्शन आदि समस्त गतिविधियां आगामी आदेश तक स्थगित रहेंगी। भर्ती बच्चों की माताओं/देखभालकर्ताओं को बेड-टू-बेड व्यक्तिगत परामर्श दिया जायेगा। इस दौरान मास्क का प्रयोग तथा भर्ती बच्चों की माताओं/देखभातकर्ताओं से एक मीटर की दूरी रखी जाये। व्यक्तिगत परामर्श में भर्ती बच्चों की माताओं को रोगप्रतिरोधक क्षमता वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्वों, व्यक्तिगत स्वच्छता, कोविड-19 संक्रमण से बचाव एवं सामूहिक दूरी (Social Distancing) पर विशेष रूप से परामर्श दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

भर्ती बच्चों में चिकित्सकीय जटिलता सामान्य होने पर एन.आर.सी. से छुट्टी की जाये। किसी भी दशा में उन्हें एन.आर.सी. में अनावश्यक रूप से 14 दिन तक न रखा जाये। छुट्टी होने पर मां/देखभालकर्ता को बच्चे की घर पर की जाने वाली देखभाल संबंधी समझाईश एवं आवश्यक औषधि व मल्टीविटामिन सिरप प्रदाय की जाय। कोविड-19 की सक्रिय संचार अवधि से जुड़े खतरे को दृष्टिगत रखते हुए, छुट्टी प्राप्त समस्त बच्चों को 15 दिन के अंतराल से दूरभाष पर फॉलोअप किया जाये। केवल चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों को ही एन.आर.सी में फॉलोअप के लिए बुलाया जाये।

एन.आर.सी. स्टॉफ के लिए निर्देश

समस्त एन.आर.सी स्टाफ, भर्ती बच्चों की माताएँ/देखभालकर्ता एवं भर्ती बच्चों द्वारा नियमित अंतराल से साबुन से हाथ धोने की क्रिया को व्यवहार में लाने के निर्देश दिए गए हैं। पोषण पुर्नवास केन्द्र में प्रवेश पर हाथ धोना, हैंड सेनिटाइजर का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाये। इसके लिए हैंड सेनिटाइजर तथा साबुन-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एन.आर.सी में स्टाफ द्वारा प्रत्येक दो केस (बच्चों) के अंतराल पर हाथ धोना, हैंड सेनिटाइजर का उपयोग सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य होगा। भर्ती बच्चों व उनकी माताओं/देखभालकर्ता तथा एन.आर.सी स्टाफ में यदि कोविड-19 के लक्षण परिलक्षित हों तो दिशा-निर्देश अनुरूप मास्क का उपयोग किया जाये एवं उन्हें आयसोलेशन वार्ड में भेजा जाना सुनिश्चित किया जायेगा। एन.आर.सी. में दैनिक उपयोग वाले उपकरणों तथा वजन मशीन, ऊँचाई/लंबाई मापन हेतु इनफैन्टोमीटर, स्टाडियोमीटर, लैंग्थ मैट तथा MUAC टेप, डिजिटल थर्मोमीटर, ड्रग ट्रे, बच्चों के खिलौने, बर्तन, चादरें वार्ड के दरवाजें व खिडकियां, आदि को नियमित रूप से साफ व कीटाणुरहित किया जाये।