इंदौर। प्रदेश की 24 सीटों पर आगामी समय में होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़े नेता भी अपनी उपेक्षा को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन (ताई), मालवा की पांच सीटों पर उपचुनाव के लिए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (भाई) को प्रभारी बनाने से नाराज बताई जा रही हैं। इसके चलते वे न बैठकों में आ रही है, नही संवाद कर रही है। उनकी नाराजगी की जानकारी मिलते ही भाजपा ने सांसद राकेश ङ्क्षसह को उनसे मिलने भेजा। राकेश सिंह ने शनिवार को उनके इंदौर स्थित घर जाकर मुलाकात की और ताई की नाराजगी दूर करने की कोशिश की है। 
प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा फूंक-फूंक कर कदम रख रही है, क्योंकि इन्हीं सीटों की जीत पर सरकार का भविष्य टिका है। मालवा के 5 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए कैलाश विजयवर्गीय को जैसे ही प्रभारी बनाया गया, उसके बाद से सुमित्रा महाजन नाराज है। 
मालवा निमाड़ की 5 सीटों की कमान कैलाश को सौंपी 
उनको मनाने का जिम्मा भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह को सौंपा गया है। राज्यसभा का चुनाव खत्म होने के बाद अब भाजपा ने आगामी 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव का गणित जमाना शुरू कर दिया है। महाजन की नाराजगी इस बात को लेकर है कि भाजपा ने मालवा की 5 सीटोंपर होने वाले उपचुनाव की कमान कैलाश वियजवर्गीय को सौंप दी है। ऐसा निर्णय करने से पहले पार्टी ने पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से चर्चा तक नहीं की। इससे नाराज होकर ताई ने पार्टी की बैठक में नजर आ रही है और न ही चुनाव को लेकर पार्टी स्तर पर कोई संवाद कर रही है। भाजपा के लिए एक-एक सीट अहम है। इंदौर में सुमित्रा महाजन और विजयवर्गीय दोनों ने देश के बड़े नेता होने के साथ ही उनकी आपस में अदावत भी चर्चा में रही है। 
प्रदेश नेतृत्व ताई से नहीं करा रहा रायशुमारी
शनिवार को राकेश सिंह ने करीब एक घंटे तक ताई से बंद कमरे में चर्चा की। हालांकि, दोनों नेता मीडिया के सामने नाराजगी की बात से इनकार कर रहे हैं, लेकन सुमित्रा महाजन इशारों-इशारों में कह रही है कि जब केंद्रीय मंत्री और केंद्रीय नेतृत्व तक फोन करके उनसे राय मशविरा लेता है तो प्रदेश नेतृत्व अपने फैसलों में उनसे क्यों रायशुमारी नहीं कर रहा है। इंदौर में 30 साल तक लगातार सांसद रही सुमित्रा महाजन की मालवा निमाड़ इलाके में अच्छी पकड़ है। यही कारण है कि भाजपा कोई रिस्क नहीं लेना चाह रही है और वे उपचुनाव में उनका लाभ भी लेना चाहती है। इसलिए भाजपा ने ताई को मनाने का जिम्मा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जबलपुर से सांसद राकेश को सौंपा है। दिल्ली से सीधे इंदौर पहुंच राकेश सिंह ने ताई से उनके घर पर मुलाकात की। 
भाजपा ने महाजन को मार्गदर्शक मंडल में डाला : कांग्रेस
उपचुनाव में पहले सुमित्रा महाजन की नाराजगी पर कांग्रेस को भी बोलने का मौका मिल गया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवकता नीलाम शुक्लाने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में ताई की टिकट न देकर उन्हें मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया गया था और उनकी पार्टी लगातार इग्नोर कर रही थी, लेकिन अब संावेर समेत दूसरी सीटों पर उपचुनाव है और ताई को लोकप्रियता काफी समय से है, क्योंकि वो वर्षों तक सांसद रही है। ऐसे में भाजपा को उपचुनाव में उनकी जरूरत पड़ गई है। इसलिए आवश्यकता के समय भाजपा उन्हें मनाने में लग गई है, लेकिन वास्तविक रूप से ताई का मार्गदर्शक मंडल में ही नहीं बिठा दिया गया है।