भोपाल : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण एवं सहकारिता मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने रबी उपार्जन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निश्चित अवधि के पूर्व ही गेहूँ की रिकार्ड खरीदी के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि खरीदी के बाद खाद्यान्न का परिवहन कर उसे गोदामों में सुरक्षित रखने की व्यवस्था मानसून के पूर्व सुनिश्चित करें।
मंत्री श्री राजपूत आज मंत्रालय में अधिकारियों के साथ गेहूँ, चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी एवं भंडारण पर चर्चा कर रहे थे। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में लगभग 120 लाख मीट्रिक टन गेहूँ समर्थन मूल्य पर क्रय किया जा चुका है। इसके अलावा 2 लाख 75 हजार मीट्रिक टन चना, मसूर एवं सरसों का उपार्जन किया गया है। गेहूँ के उपार्जन में प्रदेश ने इस वर्ष कीर्तिमान स्थापित किया है, जो मध्यप्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक उपार्जन से लगभग 50 प्रतिशत अधिक है।

80 प्रतिशत किसान पंजीकृत
उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश के 19 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया था, जिसमें से अभी तक 15 लाख 36 हजार किसानों ने खरीदी केन्द्रों पर गेहूँ उपार्जन कर लाभ उठाया। इसके पूर्व अधिकतम 50 से 60 प्रतिशत किसानों की तुलना में 80 प्रतिशत किसानों ने अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेची।

बारदानों एवं परिवहन व्यवस्था करें सुनिश्चित
मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि अभी तक 100 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का परिवहन कर उसका सुरक्षित भंडारण कराया जा चुका है। प्रमुख सचिव खाद्य श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि बारदानों की कमी एक दो दिन में पूरी कर ली जाएगी। इसके लिए जिन खरीदी केन्द्रों पर अतिरिक्त बारदाने हैं उन्हें आवश्यकता वाले खरीदी केन्द्रों पर पहुँचाया जा रहा है।

चना, मसूर एवं सरसों की 10 जून तक होगी खरीदी
मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में चना, मसूर तथा सरसों का उपार्जन आगामी 10 जून 2020 तक किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न उर्वरकों तथा बीज के अग्रिम भंडारण की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में उर्वरक एवं बीज का भंडारण खरीफ 2020 की आवश्यकता अनुरूप है, किसानों को कमी नहीं होने दी जाएगी।
बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री उमाकांत उमराव, प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री पी. नरहरि, संचालक खाद्य श्री अविनाश लवानिया, प्रबंध संचालक नागरिक आपूर्ति श्री अभिजीत अग्रवाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।