अहमदाबाद | पश्चिम रेलवे कोविड 19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर हर सम्भव प्रयास कर रही है। ज़रूरतमंद और असहाय व्यक्तियों को मिशन फूड़ डिस्ट्रिब्यूशन के अंतर्गत निःशुल्क भोजन वितरण करने और मास्क, सैनिटाइज़र, पीपीई आदि का इन-हाउस निर्माण करने जैसी महत्त्वपूर्ण उपलब्धियॉं मुख्य रूप से शामिल हैं। कोरोनो वायरस संक्रमण के खिलाफ निवारक उपाय करने के लिए, पश्चिम रेलवे के सभी छह मंडलों में मास्क और सैनिटाइज़र इन-हाउस तैयार किये जा रहे हैं। ये मास्क और सैनिटाइज़र न केवल रेल अधिकारियों और आरपीएफ द्वारा उपयोग में लिये जाते हैं, बल्कि उन मजदूरों द्वारा भी उपयोग किये जाते हैं, जो माल और पार्सल विशेष ट्रेनों में लोडिंग करने और माल उतारने के कार्य में शामिल होते हैं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविन्द्र भाकर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 25 मई, 2020 तक लॉकडाउन अवधि के दौरान पश्चिम रेलवे के डिवीजनों और कारखानों द्वारा 1.59लाख मास्क और 20000 लीटर से अधिक सैनिटाइज़र तैयार किये गये हैं। पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल डिवीजन ने सर्वाधिक 42000 मास्क बनाये। उसके बाद दाहोद वर्कशॉप ने 39700 और रतलाम डिवीजन ने 37130 मास्क बनाये। रतलाम डिवीजन ने सबसे अधिक मात्रा में 10100 लीटर सैनिटाइज़र तैयार किया। मुंबई सेंट्रल ने 3136 लीटर और दाहोद कारखाने ने 2080 लीटर सैनिटाइज़र तैयार किया। अहमदाबाद डिवीजन ने 13096 मास्क और 2134 लीटर सैनिटाइज़र, वडोदरा डिवीजन ने 8407 मास्क, लोअर परेल वर्कशॉप ने 6600 मास्क और 410 लीटर सैनिटाइज़र, भावनगर डिवीज़न ने 5492 मास्क और 215 लीटर सैनिटाइज़र, भावनगर वर्कशॉप ने 2715 मास्क और 215 लीटर सैनिटाइज़र, राजकोट डिवीज़न ने 2000 मास्क और 2000 लीटर सैनिटाइज़र, महालक्ष्मी कारखाने ने 970 मास्क और 60 लीटर सैनिटाइज़र और प्रताप नगर कारखाने ने 850 मास्क और 285 लीटर सैनिटाइज़र तैयार किया है। इन मास्कों और सैनिटाइज़र का उपयोग डिवीजनों और कार्यशालाओं में किया जा रहा है। कर्मचारियों को मास्क का उपयोग करने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए सैनिटाइज़र के लगातार उपयोग से अधिकतम सावधानी बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।  यह उल्लेखनीय है कि रेलवे कर्मचारियों के कई परिवारों ने भी पश्चिम रेलवे के सभी रेल कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए मास्क बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
भाकर ने बताया कि पश्चिम रेलवे केवल अपने कर्मचारियों की देखभाल ही नहीं कर रही है, बल्कि ज़रूरतमंद व्यक्तियों की मदद के लिए भी आगे आई है। विशेष रूप से ऐसे असहाय व्यक्तियों, जो अपने दैनिक भोजन का प्रबंधन नहीं कर सकते हैं, उनकेे लिए आईआरसीटीसी और एनजीओ के साथ मिलकर पश्चिम रेलवे ने सुनिश्चित किया है कि निःशुल्क भोजन वितरण करके अधिकतम ज़रूरतमंदों को लाभान्वित किया जाये। मिशन खाद्य वितरण के अंतर्गत पश्चिम रेलवे के वाणिज्यिक विभाग, RPF, IRCTC और NGO द्वारा पिछले 59 दिनों में 26 मई, 2020 तक सभी 6 डिवीजनों पर लगभग 5.92 लाख ज़रूरतमंद और असहाय व्यक्तियों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया गया है। 26 मई 2020 को पश्चिम रेलवे के सभी 6 मंडलों में कुल 2585 निःशुल्क भोजन पैकेट जरूरतमंद व्यक्तियों को वितरित किये गये।