अहमदाबाद | कोरोना महामारी के खिलाफ असली लड़ाई पार्सल विशेष और माल गाड़ियों के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं के परिवहन तथा अन्य क़दमों के ज़रिये पश्चिम रेलवे के विभिन्न मोर्चों पर सुनिश्चित की जा रही है| जिनमें लाखों प्रवासी मजदूरों को श्रमिक विशेष गाड़ियों के माध्यम से उनके गृह राज्य पहुंचाने और सामान्य यात्रियों के लिए विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन शामिल है|
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविन्द्र भाकर के मुताबिक पश्चिम रेलवे ने 2.5.2020 से 25.5.2020 तक कुल 1030 श्रमिक विशेष ट्रेनों का परिचालन किया है, जिन्होंने 15,31,574 यात्रियों को उनके इच्छित गंतव्यों तक पहुंचाया है। 25 मई, 2020 को, पश्चिम रेलवे ने 59 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया, जिनमें गुजरात से 47 और महाराष्ट्र से 12 ट्रेनें शामिल हैं। इन श्रमिक विशेष ट्रेनों में बिहार (19), यूपी (24), उड़ीसा (8), झारखंड (4) तथा राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और त्रिपुरा के लिए एक-एक ट्रेन चलाई गईं। 25 मई, 2020 को  पश्चिम रेलवे के मुंबई उपनगरीय क्षेत्र के विभिन्न स्टेशनों से जो ट्रेनें रवाना हुईं, उनमें बांद्रा टर्मिनस से 7, बोरीवली से 4 और वसई रोड से 1 ट्रेन शामिल हैं। जिन श्रमिक विशेष गाड़ियों को छोड़ा गया, उनमें बांद्रा टर्मिनस से जौनपुर, बांद्रा टर्मिनस से जयपुर, बांद्रा टर्मिनस से दानापुर, बांद्रा टर्मिनस से लखनऊ, बांद्रा टर्मिनस से मधुबनी, बांद्रा टर्मिनस से प्रयागराज, बांद्रा टर्मिनस से मोतिहारी कोर्ट, बोरीवली से वाराणसी, बोरीवली से गोरखपुर (2 ट्रेनें), बोरीवली से जौनपुर और वसई रोड से जौनपुर की ट्रेनें शामिल हैं। 
भाकर ने बताया कि 22 मार्च से 25 मई, 2020 तक, मालगाड़ियों के कुल 4644 रेकों का उपयोग 9.40 मिलियन टन की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किया गया है।  9192 मालगाड़ियों को अन्य रेलवे के साथ जोड़ा गया, जिनमें 4620 ट्रेनें सौंपी गईं और 4572 रेलगाड़ियों को विभिन्न इंटरचेंज पॉइंट पर ले जाया गया। पार्सल वैन / रेलवे दुग्ध टैंकरों (आरएमटी) के 272 मिलेनियम पार्सल रेक को आवश्यक सामग्री जैसे दूध पाउडर, तरल दूध, चिकित्सा आपूर्ति और अन्य सामान्य उपभोक्ता वस्तुओं की मांगों का सामना करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया है।  गौरतलब है, कि 23 मार्च से 25 मई 2020 तक, वेस्टर्न रेलवे द्वारा अपनी 271 पार्सल विशेष गाड़ियों के जरिए 41 हजार टन से अधिक वजन वाली वस्तुओं का परिवहन किया गया है, जिनमें कृषि उपज, दवाइयां, मछली, दूध आदि शामिल हैं। इस परिवहन से अर्जित राजस्व लगभग 12.38 करोड़ रुपये रहा है। इस परिवहन के तहत, वेस्टर्न रेलवे द्वारा 24 हजार टन से अधिक भार और वैगनों के 100% उपयोग तथा लगभग 4.17 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ तैंतीस दुग्ध विशेष ट्रेनें चलाई गईं।  इसी प्रकार, 234 कोविड -19 विशेष पार्सल गाड़ियाँ भी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं, जिनके लिए अर्जित राजस्व 4 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक था।  इनके अलावा, लगभग 78 लाख रु. की आय के लिए 100% उपयोग के साथ 4 इंडेंटेड रेक भी चलाए गए। श्री भाकर ने बताया कि 26 मई, 2020 को देश के विभिन्न हिस्सों के लिए पश्चिम रेलवे से तीन पार्सल विशेष ट्रेनें रवाना हुईं, जिनमें पोरबंदर-शालीमार, बांद्रा टर्मिनस - लुधियाना और भुज - दादर विशेष ट्रेनें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मार्च, 2020 के बाद से उपनगरीय और गैर-उपनगरीय खंडों सहित सम्पूर्ण पश्चिम रेलवे पर कुल आय में लॉकडाउन के कारण अनुमानित नुकसान कुल 1031.38 करोड़ रुपये रहा है। इसके बावजूद, अब तक टिकटों के निरस्तीकरण  के परिणामस्वरूप, पश्चिम रेलवे ने 282.56 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वापस करना सुनिश्चित किया है।  गौरतलब है कि इस रिफंड राशि में, अकेले मुंबई डिवीजन ने 135.38 करोड़ रुपये का रिफंड सुनिश्चित किया है। अब तक, 43.33 लाख यात्रियों ने पूरे पश्चिम रेलवे पर अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और तदनुसार अपनी रिफंड राशि प्राप्त की है।