अहमदाबाद | दुनिया भर में फैली कोरोना वायरस महामारी की स्थिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए घोषित 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान गुजरात के नागरिकों को जीवन आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त और सरल आपूर्ति का प्रबंध राज्य सरकार ने किया है। इसके अंतर्गत राज्य सरकार ने गांधीनगर में स्टेट इमरजैंसी ऑपरेशन सेंटर में एक 24x7 केंद्रीकृत कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन कार्यरत की है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने राज्य के हरेक नागरिक और परिवारों को जीवन जरूरी वस्तुओं की बेरोकटोक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला आपूर्ति तंत्र को निरंतर निगरानी करने को प्रेरित किया है। विजय रूपाणी के दिशा-निर्देशों के चलते मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार, सहकारिता सचिव मनीष भारद्वाज और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव मोहम्मद शाहिद ने राज्य के सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों और जिला सहकारी मंडलियों के रजिस्ट्रार के साथ गांधीनगर में वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कर ऐसी सप्लाई चैन को सुचारू रूप से चलाने के लिए माइक्रो प्लानिंग को अंतिम रूप दिया। 
मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में जीवन आवश्यक वस्तुएं नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में और आसानी से उपलब्ध हो सके उसकी संपूर्ण सतर्कता और निगरानी के लिए गांधीनगर में स्टेट इमरजैंसी ऑपरेशन सेंटर (एसओईसी) में एक 24x7 केंद्रीकृत कंट्रोल रूम कार्यरत किया गया है। उन्होंने कहा कि इस कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर –1070 तथा 079-23251900 पर संपर्क कर नागरिक आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अश्विनी कुमार ने राज्य में साग-भाजी की आवक और खपत की जानकारी देते हुए कहा कि गुरुवार सुबह राज्य की सब्जी मंडियों-मार्केट में 59 हजार क्विंटल की आवक रही है। इसके तहत 13,655 क्विंटल आलू, 4,350 क्विंटल प्याज, 6,900 क्विंटल टमाटर और 34,000 क्विंटल हरी सब्जियां राज्य के नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध हुई हैं। मुख्यमंत्री के सचिव ने कहा कि राज्य में करीब 68 सब्जी मार्केट कार्यरत हैं। चैत्री नवरात्रि के पर्व के दौरान उपवास रखने वाले लोगों को तकलीफ न पड़े उसके लिए पर्याप्त फल इत्यादि भी बाजार में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के मार्केट में 610 क्विंटल केला, 970 क्विंटल सेब और 1,100 क्विंटल अन्य फलों सहित कुल 2,680 क्विंटल फलों की आवक हुई है। अश्विनी कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा किए गए संवेदनशील निर्णय के फलस्वरूप 60 लाख से अधिक परिवारों के लगभग 3.25 करोड़ लोगों को अप्रैल-2020 में सरकारी मान्यता प्राप्त उचित मूल्य की दुकानों से निःशुल्क वितरीत किए जाने वाले गेहूं, चावल, चीनी, दाल और नमक आदि की भी सरलता से उपलब्धता की माइक्रो प्लानिंग आपूर्ति विभाग ने कर ली है। 
राज्य के नागरिकों को दूध भी पर्याप्त और आसानी से उपलब्ध कराने के आयोजन के संदर्भ में मुख्यमंत्री के सचिव ने कहा कि राज्य में दैनिक 55 लाख लीटर दूध के पाउच का वितरण हो रहा है। सभी जिलों में वितरण सुनिश्चित करने तथा दूध वितरण केंद्र कार्यरत रहें उसके लिए जिला आपूर्ति तंत्र को ताकीद की गई है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दूध के टेट्रा पैक पाउट और स्किम्ड मिल्क पाउडर भी उपलब्ध कराने का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री के सचिव ने कहा कि राज्य में इस महामारी के खिलाफ सुरक्षात्मक रोग नियंत्रण के कदम, आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं की सप्लाई सहित समग्र कामकाज के सुचारू संचालन के लिए स्टेट इमरजैंसी ऑपरेशन सेंटर में कार्यरत कंट्रोल रूम में संबंधित विभागों के समन्वय-मार्गदर्शन के लिए जलापूर्ति विभाग के सचिव धनंजय द्विवेदी और आदिजाति विकास विभाग के सचिव अनुपम आनंद को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि स्टेट इमरजैंसी ऑपरेशन सेंटर स्वास्थ्य विभाग का कंट्रोल रूम भी है, उसके अतिरिक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पुलिस, परिवहन, बंदरगाह, साइंस एंड टेक्नोल़ॉजी, शहरी विकास, पंचायत और उद्योग विभाग के अधिकारी भी 24x7 कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि इन विभागों के एक-एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति समन्वय के लिए की गई है। 
इस अवसर पर सहकारिता सचिव मनीष भारद्वाज, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव मोहम्मद शाहिद, नागरिक आपूर्ति निगम के कार्यकारी प्रबंध निदेशक तुषार धोलकिया, सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार डीपी देसाई आदि उपस्थित थे।