कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात (Kanpur Dehat) के माती मुख्यालय से महज 6 किलोमीटर की दूरी पर भोगनीपुर तहसील में मावर शरीफ गांव स्थित है. इस गांव का रहस्य सदियों पुराना है. इसी रहस्‍य के चलते सभी घर एक ही मंजिल के बने हुए है. बताया जाता है कि जिसने भी दो मंजिला मकान बनाया उसकी मौत हो गई. मावर शरीफ गांव के मौलवी सैयद बाबा की मजार पर लेकर गए. जहां से इस एक मंजिल मकान की कहानी का रहस्य छुपा था.

मौलवी शाहिद अहमद ने बताया कि इस गांव में सभी मकान एक ही मंजिल के बने हुए मिलेंगे. जिसने भी दूसरी मंजिल बनाने की सोची उस का वंश ही खत्म हो गया. जितनी इस मजार की ऊँचाई है, उसके बराबर के ही घर बनेंगे. उन्होंने बताया कि गांव में एक शख्स ने दूसरी मंजिल बनाई, लेकिन आज उसके घर में एक भी व्‍यक्ति नहीं बचा है. हालत यह हुई कि उस का घर ही खत्म हो गया. इसके बाद से ही इस गांव के लोग एक मंजिल का घर ही बनाते हैं. छतों पर चढ़ने के लिए बांस की सीढ़ी का प्रयोग करते हैं.
ग्रामीण अनवर उल हक के मुताबिक, कई साल पहले इस गांव में रहने वाले कुछ लोगों ने मकान में दूसरी मंजिल बनानी चाही थी. उस का वंश चलाने वाला तक नहीं बचा. यकीन करना मुश्किल है, लेकिन यह सच है. यही वजह है कि यहां जितने भी मकान नजर आते हैं वो एक मंजिल ही बने हुए थे. वहीं, कोई घर के बाहर सीढ़ी लगा कर छत पर चढ़ता है तो कोई घर के अंदर सीढ़ी लगाकर.