पटना । बिहार में शराबबंदी होने के बावजूद भी पु‎लिस संरक्षण में शराब ‎बिक रही है। इसकी जानकारी लेकिन सूबे के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने दी। उन्होंने कहा ‎कि पुलिस संरक्षण में ही बिहार में शराब बिकती है। उन्होंने औरंगाबाद समाहरणालय में लोगों को सबोधित करते हुए माना कि थानेदार और चौकीदार चाहेंगे, तभी राज्य में पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू हो सकेगी। थानेदार और चौकीदार जिस दिन जग जाएंगे, उसी दिन से शराब की तस्करी रुक जाएगी।  उन्होंने यह भी माना कि थाने के संरक्षण बिना कोई एक भी बोतल शराब नहीं बेच सकता। वहीं, डीजीपी ने चेतावनी भी दी कि शराब से संबंधित मामले में जो संलिप्त होंगे, वे सीधे जेल भेजे जाएंगे। बताया गया ‎कि डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय के इस बयान से लोग कई मतलब ‎निकाल रहे हैं। दरअसल, उनके ही महकमे के लोग सार्वजनिक रूप से इस तरह के बयान दिये जाने को सही नहीं मानते। हालां‎कि बिहार पुलिस एसोसिएशन ने डीजीपी के बयान पर सहमति तो जताई है, लेकिन डीजीपी के बयान की जगह और समय को एसोसिएशन सही नहीं मानता। बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने कहा ‎कि इस बयान में सौ फीसदी सच्चाई है, लेकिन पुलिसवालों का मनोबल गिर सकता है। वहीं, इस बयान को लेकर विपक्ष भी सरकार को घेरने में जुटा है। कांग्रेस ने कहा कि डीजीपी के बयान ने नीतीश सरकार के शराबबंदी कानून की पोल खोल कर रख दी है। वहीं जदयू नेता राजीवरंजन ने कहा ‎कि डीजीपी ने ऐसी बात कही ही नहीं है। हालां‎कि, सत्तापक्ष के नेता चाहें जो कह लें, लेकिन बिहार पुलिस एसोसिएशन की आपत्ति ने यह जाहिर कर दिया है कि डीजीपी के बयान ने न केवल शराबबंदी कानून की कथित सख़्ती बल्कि सरकारी दावो की भी पोल खोल कर रख दी है।