हैदराबाद । भारतीय क्रिकेट टीम शुरुवार से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरु हो रही तीन मैचों की टी20 सीरीज में जीत के इरादे से उतरेगी। हाल में बांग्लादेश के खिलाफ मिली शानदार जीत से भारतीय टीम का मनोबल बढ़ा हुआ है। ऐसे में भारतीय टीम इस सीरीज में भी जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। वहीं दूसरी ओर वेस्टइंडीज पर क्षेत्र में भारतीय टीम से पीछे हैं पर टी20 में उसे अच्छी टीम माना जाता है। इसलिए भारतीय टीम अंडर डॉग मानी जा रही वेस्टइंडीज को हल्के में लेने की भूल नहीं करेगी। इस सीरीज के दौरान शिखर धवन भारतीय टीम का हिस्सा नहीं है। ऐसे में केएल राहुल रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुतात करते नजर आ सकते हैं। ऐसे में केएल राहुल के पास अपनी क्षमताएं दिखाने का एक और अवसर है। बांग्लादेश के खिलाफ आराम पर रहे कप्तान विराट कोहली एक बार फिर शानदार वापसी की उम्मीद से उतरेंगे।
इस सीरीज में भारतीय टीम का लक्ष्य अगले साल होने वाले टी20 विश्वकप की अपनी तैयारियों को भी आंकना रहेगा। टीम प्रबंधन सीमित ओवरों के प्रारुप में होने वाले इस मुकाबले के लिए टीम संयोजन तैयार कर रहा है। इस विश्व कप से पहले भारतीय टीम को 11 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं। इससे पहले भारतीय टीम अपनी कुछ कमजोरियों को दूर करना चाहेगी। टी20 क्रिकेट में, टीम इंडिया लक्ष्य का पीछा करना ज्यादा पसंद करती है। 2017 में इस विश्व कप में जीत के बाद से ही भारतीय टीम ने इस प्रारुप में अबतक 45 मैच खेले हैं। इनमें टीम इंडिया को 30 में जीत, जबकि 14 में हार का सामना करना पड़ा है। इन 14 हार में से 10 हार तब मिली हैं, जब टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विरोधी टीम को लक्ष्य दिया है, ऐसे में टीम को ध्यान देना होगा कि वह पहले बल्लेबाजी करते हुए एक बड़ा स्कोर बनाये। 
वहीं ऑस्ट्रेलिया के हालातों पर नजर डालें तो वहां फिंगर स्पिनर के साथ खेलना एक चुनौती हो सकता है। इसी कारण से विराट के नेतृत्व वाली टीम इंडिया सफेद गेंद वाले प्रारुप में रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन के स्थान पर चाइनामैन कुलदीप यादव और लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को शामिल कर रही रही है। गेंदबाज में तो यह बदलाव ठीक लगता है पर इससे बल्लेबाजी संतुलन खराब हुआ है। कप्तान विराट कोहली टी20 प्रारुप में टीम की बल्लेबाजी पर भी ध्यान दे रहे हैं। ऐसे में उन्होंने क्रुणाल पंड्या और वॉशिंग्टन सुंदर को भी आजमाया है। अब देखना है उनका यह प्रयोग कितना सफल रहता है। 
भारतीय टीम को अभी तक नंबर चार पर कोई भरोसेमंद बल्लेबाज नहीं मिला है और टीम प्रबंधन इस विश्व कप से पहले यह कमी दूर करना चाहेगा। नंबर 4 के लिए भारतीय टीम के पास मनीष पांडे, श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत के रूप में अच्छे विकल्प मौजूद हैं।बांग्लादेश के खिलाफ अय्यर ने शानदार खेल दिखाया वहीं मनीष भी बेहतरीन बल्लेबाज के लिए जाने जाते हैं। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ को इस सीरीज में यह दिखाना होगा कि वह संजू सैमसन से बेहतर हैं। अगर वह ऐसा नहीं कर पाते तो उनको अपनी जगह गंवानी पड़ सकती है। 
वहीं दूसरी ओर वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के कोच फिल सिमन्स ने कहा है कि भारत के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाली टी20 सीरीज में भारतीय कप्तान विराट कोहली को आउट करना उनके गेंदबाजों के लिए सबसे कठिन होगा पर उन्हें विराट से डरने होने की जरुरत नहीं है। सिमन्स ने कहा कि इससे विराट को आउट करने का काम और भी मुश्किल हो जायेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि गेंदबाज उससे ज्यादा भयभीत नहीं हों लेकिन आपको नहीं पता कि क्या हो सकता है लेकिन विराट को आउट करना मुश्किल जरुर है। ’’ सिमन्स ने स्वीकार किया कि भारत को दुनिया में कहीं भी हराना आसान नहीं है और 56 साल के इस पूर्व आलराउंडर ने कोहली एंड कंपनी को आउट करने के लिये अपने खिलाड़ियों को बीते अनुभव का इस्तेमाल करने को कहा है। 
दोनो टीमें इस प्रकार हैं। 
भारत: रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली , श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, ऋषभ पंत, वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, मोहम्मद शमी।
वेस्टइंडीज: एविन लुईस, लेंडल सिमंस, शिम्रोन हेटिमर, किरोन पोलार्ड, ब्रैंडन किंग, निकोलस पूरन, जेसन होल्डर, केमो पॉल, फेबियन एलन, शेल्डन कॉटरेल, अल्जारी जोसेफ।