जयपुर. राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly) का आगामी सत्र (session) 26 नवंबर से आहूत हो सकता है. लोकसभा (Lok Sabha) ने राज्य की विधानसभाओं से कहा है कि 26 नवंबर 1949 को देश का संविधान (Constitution of the country) बनकर तैयार हुआ था. लिहाजा इस दिन सभी राज्यों की विधानसभाओं में आयोजन किए जाने चाहिए. इसी के मद्देनजर प्रदेश में विधानसभा का भी सत्र बुलाए जाने के संबंध में चर्चा (Discussion) शुरू हो गई है.
3 दिन का हो सकता है सत्र
इस संबंध में विधानसभा सचिव ने शुक्रवार को मुख्य सचिव डीबी गुप्ता से मुलाकात भी की. विधानसभा सत्र 3 दिन का हो सकता है. जानकारी के मुताबिक संसदीय कार्य विभाग ने सत्र आहूत करने के संबंध में पत्रावली मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास भिजवा दी है. अब मुख्यमंत्री से अनुशंषा मिलने के बाद राजभवन में सत्र आहूत करने की प्रक्रिया शुरू होगी. राजभवन विधानसभा में सत्र आहूत करने का वारंट जारी करेगा.
विधानसभा उपाध्यक्ष का हो सकता है निर्वाचन
शॉर्ट नोटिस पर आहुत होने वाले सत्र के दौरान प्रश्नकाल नहीं होता. लिहाजा जिस संबंध में सत्र आहूत किया गया है वह प्रक्रिया पूरी होती है और सरकार सत्र के दौरान अपना बिजनेस भी पास करवाती है. बताया जा रहा है कि सत्र के दौरान प्रदेश विधानसभा में रिक्त चल रहे उपाध्यक्ष के पद पर निर्वाचन भी होगा.
15वीं विधानसभा का तीसरा सत्र होगा
राजस्थान में गत वर्ष दिसंबर माह में बनी नई सरकार के बाद 15वीं विधानसभा के अभी तक दो सत्र हुए हैं. प्रथम सत्र सरकार के गठन के कुछ समय बाद ही 15 जनवरी से आहुत किया गया था. उसके बाद जुलाई में बजट सत्र हुआ था. बजट सत्र के बाद विधानसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित की गई थी. उसके बाद अब अगर 26 नवंबर से विधानसभा का सत्र आहुत होता है वह तीसरा सत्र होगा. विधानसभा में अभी तक उपाध्यक्ष का चुनाव होना बाकी है. इस सत्र में चुनाव की संभावना जताई जा रही है.