नई दिल्ली: क्रिकेट की हर टीम में 11-11 खिलाड़ी होते हैं. जाहिर है, भारत और दक्षिण अफ्रीका (India vs South Africa) के बीच तीसरे टेस्ट मैच में भी दोनों टीमों ने 11-11 खिलाड़ी उतारे हैं. भारतीय टीम मैच के तीसरे दिन यानी सोमवार को जीत के बेहद करीब पहुंच गई थी, लेकिन तभी दक्षिण अफ्रीका का ‘12वां खिलाड़ी’ उसकी राह में रोड़ा बन गया. ओपनर डीन एल्गर (Dean Elgar) की जगह बैटिंग कर रहा यह खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका की ओर से सबसे अधिक रन बनाकर नाबाद है. यह उसी की बैटिंग का कमाल है कि अफ्रीकी टीम भारत के खिलाफ कम से कम तीसरे दिन हार टालने में कामयाब रही. 

हम बात कर रहे हैं दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर थियूनिस डि ब्रुईन (Theunis de Bruyn) की. 27 साल के डि ब्रुईन विशाखापत्तनम और पुणे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीकी टीम की प्लेइंग इलेवन में शामिल थे. वे इन दोनों ही मैचों में नाकाम रहे. इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने उन्हें रांची में खेले जा रहे टेस्ट मैच में अपनी प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी. हालांकि, आईसीसी के एक खास नियम की बदौलत डि ब्रुईन प्लेइंग इलेवन में शामिल ना होने के बावजूद इस मैच में बैटिंग कर रहे हैं. 

दरअसल, दक्षिण अफ्रीकी ओपनर डीन एल्गर दूसरी पारी में टी-ब्रेक से ठीक पहले उमेश यादव (Umesh Yadav) के बाउंसर पर चोटिल हो गए. गेंद उनके हेलमेट से टकराई और वे तुरंत गिर गए. एल्गर काफी देर तक अपनी जगह से उठ भी नहीं सके. दक्षिण अफ्रीकी फीजियोथेरपिस्ट ने उनकी चोट की जांच की और उन्हें आगे नहीं खेलने की सलाह दी. इसके बाद वे रिटायर्ड हर्ट हो गए. बाएं हाथ के बल्लेबाज एल्गर को गेंद दूसरी पारी के 10वें ओवर में लगी. उस समय वे 16 पर बल्लेबाजी कर रहे थे. 

डीन एल्गर को रिटायर्ड हर्ट होने के बाद कन्कशन टेस्ट के लिए अस्पताल ले जाया गया. सिर में गंभीर चोट की वजह से उन्हें आगे नहीं खेलने की सलाह दी गई. इस तरह उनकी जगह टीम में शामिल अतिरिक्त बल्लेबाज डि ब्रुईन को बल्लेबाजी करने का मौका मिल गया. जब वे बैटिंग करने उतरे तब दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 6 विकेट पर 67 रन था. ब्रुईन ने एक छोर पर अच्छी बल्लेबाजी की. जब दिन का खेल खत्म हुआ तब दक्षिण अफ्रीका का स्कोर आठ विकेट पर 132 रन था. उस वक्त डि ब्रुईन 30 रन बनाकर नाबाद थे. यह दूसरी पारी में किसी भी दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर है. 
आईसीसी ने इसी साल अगस्त में कन्कशन सब प्लेयर का नियम लागू किया है. इसके मुताबिक, रिटायर्ड हर्ट खिलाड़ी की जगह अब कोई दूसरा खिलाड़ी अंतिम एकादश में खेल सकता है. इसके लिए शर्त यही है कि रिटायर्ड हर्ट खिलाड़ी अगर बॉलर है तो उसकी जगह बॉलर खेलेगा. अगर वह बल्लेबाज है तो उसकी जगह बल्लेबाज को मिलेगी. इस तरह प्लेइंग XI में नहीं होने के बावजूद डि ब्रुईन अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण स्कोर करने में कामयाब रहे. 

मैच की बात करें तो भारतीय टीम ने तीसरे टेस्ट में शिकंजा कस लिया है. कोहली एंड कंपनी ने पहली पारी में 497/9 का स्कोर बनाया. फिर दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 162 रन पर समेटा. भारतीय गेंदबाजों का दबदबा दूसरी पारी में भी रहा. इसकी बदौलत भारत ने दूसरी पारी में मेहमान टीम के आठ विकेट महज 132 रन पर झटक लिए. भारतीय टीम को अब भी दक्षिण अफ्रीका पर 203 रन की बढ़त हासिल है. उसे जीत के लिए सिर्फ दो विकेट चाहिए. दक्षिण अफ्रीका को पारी की हार टालने के लिए कम से कम 203 रन और बनाने होंगे.