लाहौर,पाकिस्तान की एक अदालत ने मुंबई हमले (2008) के मास्टर माइंडर जमात उद-दावा चीफ हाफिज सईद की याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक जवाब देने को कहा है। हाफिज ने टेरर फंडिंग केस में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी। संयुक्त राष्ट्र की तरफ से आतंकी घोषित किए गए हाफिज को 17 जुलाई को अरेस्ट किया गया था। वह फिलहाल लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है।

हाफिज की याचिका पर तब सुनवाई हो रही है जब एफएटीएफ से जुड़े एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) ने माना है कि एफएटीएफ से जुड़े एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) ने माना है कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सिक्यॉरिटी काउंसिल रेजॉलूशन 1267 को लागू करने के लिए सही कदम नहीं उठाए। उसने यूएन द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों, हाफिज सईद, मसूद अजहर और एलईटी, जेयूडी और आफआईएफ जैसे आतंकी संगठनों को लेकर नरमी बरती और ठोस ऐक्शन नहीं लिया

कोर्ट के एक अधिकारी ने बताया, 'जस्टिस मोहम्मद कासिम खान की अध्यक्षता वाली लाहौर हाई कोर्ट दो सदस्यीय पीठ ने हाफिज और अन्य की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस की सीटीडी को नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है।'

हाफिज की तरफ से पेश ऐडवोकेट ए के डोगदर ने कहा, 'टेरर फाइनैंशिंग केस में हाफिज और अन्य 67 के खिलाफ एफआईआर दर्ज है, वे आतंकी नहीं हैं। हाफिज की लश्कर-ए-तैयबा या अलकायदा से कोई लेना देना नहीं है। जिन संपत्तियों पर कथित रूप से उसका अधिकार है वह दरअसल मदरसों की है।' वकील डोगर ने कोर्ट से सभी 23 एफआईआर खारिज करने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि सीटीडी ने पंजाब प्रांत के विभिन्न शहरों में हाफिज और अन्य के खिलाफ 23 एफआईआर दर्ज की थी और हाफिज को 17 जुलाई को अरेस्ट किया गया था। हाफिज के खिलाफ लाहौर, गुजरांवाला और मुल्तान में केस दर्ज है।