नई दिल्ली,87 साल, देश और विदेश में 12 बड़े युद्धों में अद्भुत पराक्रम. ये जब उठते हैं तो आसमान का सीना चीरकर रख देते हैं. जमीन के करीब से निकल जाएं तो पाताल तक आवाज गूंज जाती है. ये है हमारी भारतीय वायुसेना. 1932 से लेकर पाकिस्तान के बालाकोट में जाकर एयरस्ट्राइक तक, हर बार हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा उठा है.

हर बार देश के लोगों ने वायुसेना और उसके हवाई लड़ाकों का 'अभिनंदन' किया है. बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद जब अभिनंदन ने मिग-21 से पाकिस्तान के अत्याधुनिक एफ-16 फाइटर जेट को मार गिराया, तब एकबार फिर पूरे देश का सिर फख्र से ऊंचा उठ गया.

उस समय बात उठी कि राफेल होता तो पाकिस्तान के एफ-16 की इतनी भी हिम्मत न होती कि वो हमारे आकाश को भेद सके. भेद तो वैसे भी नहीं पाया क्योंकि उसकी कायरता का करारा जवाब हमारे अभिनंदन ने बहादुरी से दिया था. आज विजयदशमी है. इसी दिन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह देश के पहले राफेल फाइटर जेट की सवारी करेंगे. उसी दिन से शुरू होगी भारतीय वायुसेना की नई विजय गाथा.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों फाइटर प्लेन की रेटिंग्स

खासियत    राफेल    एफ-16

अदृश्यता       9/10       7.8/10

हथियार         8.6/10    7.9/10

तकनीक        8.5/10    9.0/10

संचालन         9.3/10    7.9/10

वर्टिकल फ्लाइंग    60 हजार फीट/मिनट     50 हजार फीट/मिनट

गति                      2,223 किमी/घंटा           2,414 किमी/घंटा

ओवरऑल रेटिंग    एक्सीलेंट                       वेरी गुड

राफेल के डैनों की लंबाई 10.90 मीटर है. वहीं, एफ-16 के डैनों की लंबाई 9.96 मीटर है. राफेल की लंबाई 15.30 मीटर जबकि एफ-16 की 15.06 है. आकार में राफेल, एफ-16 से थोड़ा बड़ा है. राफेल का कुल वजन 10 टन है. वह 24.5 टन वजन के हथियार लेकर उड़ सकता है. जबकि, पाकिस्तानी एफ-16 का वजन 9.2 टन है. यह सिर्फ 21.7 टन वजन लेकर उड़ने की क्षमता रखता है.

एफ-16 की रेंज 4220 किलोमीटर है, जबकि राफेल की 3700 किलोमीटर है. यानी एक उड़ान में यह इतनी दूरी तक जाकर हमला कर सकता है. ठीक इसी तरह एफ-16 की गति राफेल से ज्यादा है. एफ-16 2414 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकता है तो राफेल 2230 किमी प्रति घंटा की गति से. सर्विस सीलिंग दोनों की 50 हजार फीट ही है. लेकिन राडार में राफेल पकड़ में नहीं आएगा, क्योंकि यह सेमी-स्टेल्थ है. जबकि, एफ-16 के साथ ऐसा नहीं है.

भारतीय राफेल 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट है. जबकि, पाकिस्तान के एफ-16 चौथी जेनरेशन का लड़ाकू विमान है. दोनों के हथियारों की अलग-अलग क्षमता है. कोई किसी से कम नहीं है. लेकिन कौन सा फाइटर जेट ज्यादा दमदार है यह निर्भर करता है उसे उड़ाने वाले पायलट पर. इसका ताजा उदाहरण है अभिनंदन ने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तानी एफ-16 को मार गिराया था.

भारतीय राफेल फाइटर जेट परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम सेमी-स्टेल्थ लड़ाकू विमान हैं. जबकि, इस पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमानों में यह सुविधा नहीं है. लेकिन भारत अगर किसी मौके पर युद्ध के समय सुखोई-30 एमकेआई और राफेल को एकसाथ आसमान में उतार दे तो पाकिस्तान को छठी का दूध याद आ जाएगा.