भोपाल
मंडीदीप की प्रमुख औद्योगिक इकाई एचईजी कमलनाथ सरकार के आग्रह पर मंडीदीप में 1200 करोड़ रुपए का निवेश कर ग्रेफाइड निर्माण इकाई स्थपित करने को तैयार हो गई है। इसमें से दो सौ करोड़ रुपए निवेश प्रोत्साहन के रूप में सरकार ने कंपनी से मदद करने का वादा किया है। इसके लिए हाल ही में हुई निवेश संवर्धन की बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई है। इनमें एचईजी सहित आठ कंपनियों के 4500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव की मंजूरी शामिल है। बैठक में सीएम कमलनाथ ने मप्र में निवेश लाने के लिए तेलंगाना मॉडल लागू करने के संकेत दिए हैं।

सरकार ने साफ कर दिया है कि कंपनियों को प्रोत्साहन राशि मप्र में खर्च करना होगी और 70 फीसदी युवाओं को रोजगार देना होगा। बैठक में सीएम ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में सरकार और निवेशकों के बीच दोस्ताना माहौल तैयार करें। इस मॉडल में यह तय किया गया है कि निवेशक को कितने दिन में कौन सी अनुमति मिल जाएगी। यदि उतने समय में अनुमति नहीं दी जाती है तो वह स्वत: ही मिल जाती है। पर्यावरण संबंधी अनुमति सहित तीन साल में सारी अनुमति मिल जाती हैं। ज्ञात हो कि सीएम पिछले दिनों वल्र्ड इकोनॉमी फोरम की बैठक में दिल्ली गए थे। वहां उनकी मुलाकात तेलंगाना के सीएम से हुई थी। तब दोनों में निवेश बढ़ाने को लेकर तेलंगाना में प्रचलित मॉडल पर चर्चा हुई थी।

इन प्रस्तावों को भी दी गई मंजूरी

  • रालसन टायर पीथमपुर में 1588 करोड़ निवेश करेगा। कंपनी रेडियल टायर प्लांट लगाएगी। पहले चरण में 315 करोड़ रुपए निवेश करेंगे।
  • प्रोक्टर एंड गैम्बल 500 करोड़ का निवेश करेगी।
  • 300 करोड़ और एवगोल 1200 करोड़ का पीथमपुर में निवेश करेगी।
  • इंडिया सीमेंट कंपनी दमोह में हटा में 1400 करोड़, खंडवा में 400 करोड़ का निवेश करेगी।
  • नेपेक्स फार्मा मंडीदीप में 475 करोड़, सद्गुरु सीमेंट गंधवानी में 450 करोड़, जयदीप अलाय प्रदेश में 225 करोड़ रुपए निवेश करेगा।